पत्रकार उत्पीड़न के खिलाफ जिले में बड़े आंदोलन की तैयारी – ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा ने बुलाई जिलेभर के पत्रकारों की बैठक

👉👉पत्रकार उत्पीड़न के खिलाफ जिले में बड़े आंदोलन की तैयारी – ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा ने बुलाई जिलेभर के पत्रकारों की बैठक – सम्मान और अधिकारों की लड़ाई सड़क से लखनऊ तक ले जाने का ऐलान-धरना-प्रदर्शन से लेकर आमरण अनशन तक की बनेगी रणनीति…
✔️सहारनपुर : पत्रकार उत्पीड़न के लगातार सामने आ रहे मामलों को लेकर जिले के पत्रकारों का आक्रोश अब आंदोलन की राह पकड़ता दिखाई दे रहा है – पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने बड़े संघर्ष की तैयारी शुरू कर दी है – संगठन के जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा ने जिलेभर के पत्रकारों की बैठक बुलाई है, जिसमें पत्रकार उत्पीड़न के मामलों पर खुलकर चर्चा के साथ आंदोलन की निर्णायक रणनीति तैयार की जाएगी – जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा का कहना है कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और शासन-प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन जब पत्रकारों को ही अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़े तो यह गंभीर चिंता का विषय है – उनका कहना है कि जिले में पत्रकार उत्पीड़न के कई मामले सामने आ रहे हैं और इन्हें अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता – आलोक तनेजा के मुताबिक, शासनादेश के क्रम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय पत्रकार स्थायी समिति की बैठक में भी पत्रकार उत्पीड़न के मामलों पर चिंता व्यक्त की गई थी – बैठक में यह तय किया गया था कि किसी पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले राजपत्रित अधिकारी से जांच कराई जाएगी – जिसमें अब हाईकोर्ट के निर्देश भी आ गए हैं – एसोसिएशन का आरोप है कि इसके बावजूद पीटीआई के संवाददाता एवं वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंघल तथा न्यूज़ परिक्रमा के संवाददाता उस्मान के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए गए है – संगठन ने इन मामलों को पत्रकारों के सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए संघर्ष का फैसला लिया है – आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा ने समिति गठित की है, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार नवाजिश खान, वेद प्रकाश पांडे, संजय चौधरी, विनोद कश्यप, डॉ. दानिश खान ( अम्बेहटा ), शराफ़त मिर्ज़ा (तीतरो) , अरविंदर सिंह काका ( नानोता ), चौधरी कुशल पाल ( रामपुर मनिहारन ), एस.एम. हुसैन जैदी ( बेहट ), सुनील जायसवाल ( बिहारगढ़ ), शक्ति चौधरी ( सरसवा ) और अफजल खान ( गंगोह ) शामिल हैं – समिति को सात दिन के भीतर आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है – इसके बाद पत्रकारों की आवाज जनपद से मंडल और मंडल से लखनऊ तक बुलंद करने की तैयारी है – उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने के साथ ही धरना-प्रदर्शन, विरोध और आवश्यकता पड़ने पर आमरण अनशन जैसे कठोर कदम उठाने पर भी विचार किया जा रहा है!!ll
रिपोर्ट : सुभाष कश्यप /सुशील मोगा / साजिद अली
