नीरज के साथ नीतीश का आशीर्वाद, अनंत की चुनौती बरकरार! ललन सिंह के सामने JDU का सबसे बड़ा पेंच
- नीरज के साथ नीतीश का आशीर्वाद, अनंत की चुनौती बरकरार! ललन सिंह के सामने JDU का सबसे बड़ा पेंच।
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार ने लिया नामांकन का प्रपत्र, 5 अक्टूबर को भरेंगे पर्चा; उधर अनुज सिंह के समर्थन में अनंत सिंह लगातार सक्रिय
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव अब सिर्फ एक MLC सीट का मुकाबला नहीं रह गया है। JDU ने मौजूदा विधान पार्षद और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है और अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद नीरज कुमार ने चुनावी मैदान में अपनी तैयारी और तेज कर दी है। शनिवार को हुई मुलाकात में नीरज कुमार ने नीतीश कुमार से पार्टी उम्मीदवार होने का प्रपत्र प्राप्त किया। नीरज 5 अक्टूबर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
नीरज कुमार ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार का आभार जताते हुए कहा कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से NDA समर्थित JDU उम्मीदवार के रूप में मिली यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने इसे पार्टी के प्रत्येक समर्पित कार्यकर्ता का सम्मान बताते हुए कार्यकर्ताओं के विश्वास और सहयोग को अपनी ताकत बताया।
एक तरफ पार्टी का आधिकारिक चेहरा, दूसरी तरफ अनंत सिंह की खुली चुनौती
नीरज कुमार को पार्टी का औपचारिक समर्थन मिलने के साथ ही अब निगाहें उस चुनौती पर भी हैं, जो JDU के भीतर से ही सामने आ रही है। मोकामा विधायक अनंत सिंह पहले ही नीरज कुमार की उम्मीदवारी का विरोध कर चुके हैं और जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान कर चुके हैं। 1 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन के दौरान अनंत सिंह उनके साथ खुले तौर पर नजर आए थे और समर्थकों के साथ रोड शो भी किया था।
इसके बाद 3 अक्टूबर को भी अनंत सिंह का काफिला नालंदा पहुंचा, जहां समर्थकों ने उनका स्वागत किया। यानी एक तरफ JDU का आधिकारिक उम्मीदवार पार्टी नेतृत्व का समर्थन लेकर नामांकन की तैयारी कर रहा है, तो दूसरी तरफ पार्टी के ही विधायक अनंत सिंह विपक्षी उम्मीदवार के समर्थन में सार्वजनिक रूप से सक्रिय हैं।
संजय झा के ऐलान के बाद अब ललन सिंह की परीक्षा
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए JDU ने अब केंद्रीय मंत्री और मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को दोनों नेताओं के बीच बातचीत कर मतभेद दूर करने की जिम्मेदारी दी है। JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने 2 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी थी। पार्टी के मुताबिक ललन सिंह दोनों नेताओं से बातचीत कर विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगे।
लेकिन ललन सिंह को जिम्मेदारी मिलने के अगले ही दिन अनंत सिंह की राजनीतिक सक्रियता जारी रहने से अब इस मध्यस्थता पर भी नजर टिक गई है। सवाल यह नहीं है कि पार्टी ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है या नहीं—यह स्पष्ट है। असली सवाल यह है कि क्या ललन सिंह की बातचीत के बाद अनंत सिंह अपने रुख में बदलाव करेंगे?
5 अक्टूबर को नीरज का नामांकन, उससे पहले क्या होगा?
पटना स्नातक सीट के लिए नीरज कुमार 5 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे। ऐसे में अगले कुछ दिन JDU के लिए महत्वपूर्ण हैं। एक ओर पार्टी अपने आधिकारिक उम्मीदवार के नामांकन को लेकर तैयार है, वहीं दूसरी ओर अनंत सिंह का रुख अभी सार्वजनिक रूप से बदला नहीं है।
अब सबकी नजर तीन घटनाक्रमों पर है—ललन सिंह और अनंत सिंह की बातचीत, नीरज कुमार का नामांकन और अनंत सिंह का अगला राजनीतिक कदम। यदि बातचीत के बाद भी अनंत सिंह अनुज सिंह के समर्थन में सक्रिय रहते हैं, तो पटना स्नातक सीट का चुनाव JDU के लिए केवल उम्मीदवार की लड़ाई नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर दो अलग-अलग राजनीतिक रुखों के सार्वजनिक टकराव के रूप में भी देखा जाएगा।
23 अक्टूबर को मतदान
बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि नाम वापसी 9 अक्टूबर तक होगी। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
पटना स्नातक सीट पर फिलहाल JDU के नीरज कुमार और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह समेत कई उम्मीदवार मैदान में हैं। इस मुकाबले में अनंत सिंह की भूमिका और JDU नेतृत्व की ओर से विवाद सुलझाने की कोशिश आने वाले दिनों के प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रहेगी।
