खाकी का काला चेहरा, घर में घुसकर शराब, ओर लड़की की डिमांड।

खाकी का काला चेहरा: सिपाहियों की दरिंदगी से दहला कुशीनगर, आधी रात घर में घुसकर शराब-लड़की की डिमांड, विरोध पर मारपीट और महिला का अपहरण !
कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से खाकी को शर्मसार कर देने वाली ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जिन सिपाहियों पर कानून की रक्षा का जिम्मा है, वही कानून को रौंदते नजर आए। कसाया थाने में तैनात दो सिपाहियों पर आधी रात घर में घुसकर दबंगई, अभद्रता, मारपीट और महिला को जबरन उठाकर ले जाने जैसे सनसनीखेज आरोप लगे हैं।
पीड़िता, जो ढाबा और ब्यूटी पार्लर चलाती है, ने तहरीर देकर बताया कि सिपाही उमाशंकर यादव और सतेंद्र यादव एक अन्य साथी के साथ देर रात उसके कमरे में जबरन घुस आए। अंदर घुसते ही तीनों ने शराब और एक लड़की की डिमांड शुरू कर दी। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो खाकी के नशे में चूर सिपाहियों ने अपना असली चेहरा दिखाते हुए गाली-गलौज की और वहां मौजूद लड़कियों के साथ बेरहमी से मारपीट की।
हद तो तब पार हो गई जब आरोपी सिपाहियों ने पड़ोस में रहने वाली एक महिला को जबरन अपने कब्जे में ले लिया और उसे गोरखपुर ले गए। पीड़ित महिला के मुताबिक, करीब तीन घंटे तक उसे अपने साथ रखा गया, जहां उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। सुबह करीब 5:30 बजे उसे वापस घर के बाहर छोड़ दिया गया। जाते-जाते आरोपियों ने पीड़िता और ढाबा संचालिका को फर्जी केस में फंसाने की धमकी भी दी।
घटना सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कप्तान ने तुरंत दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम जनता आखिर किस पर भरोसा करे?
खाकी की इस शर्मनाक करतूत ने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज में डर और गुस्से का माहौल भी पैदा कर दिया है।
