रात को बस “5 मिनट रील्स देखूंगा”… और पता ही नहीं चलता कब एक-दो घंटे निकल गए ।

रात को बस “5 मिनट रील्स देखूंगा”… और पता ही नहीं चलता कब एक-दो घंटे निकल गए । आज के युवाओं की यह आदत इतनी आम हो चुकी है कि अब दिल के डॉक्टर भी इसे गंभीरता से लेने की बात कर रहे हैं। 📱❤️
रांची में हाल ही में आयोजित Prevent Heart Summit 2026 में हृदय रोग विशेषज्ञों ने युवाओं की बदलती lifestyle पर चिंता जताई। रिपोर्ट के मुताबिक देर रात मोबाइल और डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल, पर्याप्त नींद न लेना, तनाव, अनियमित दिनचर्या, खराब खानपान और कम physical activity ये सारी चीजें मिलकर cardiovascular health पर बुरा असर डाल सकती हैं।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. निशांत त्रिपाठी ने भी खास तौर पर उस आदत की तरफ ध्यान दिलाया जिसमें युवा बिस्तर पर लेटकर एक-दो घंटे तक Reels और social media scroll करते रहते हैं। असली समस्या सिर्फ स्क्रीन देखना नहीं है; समस्या तब बढ़ती है जब इसकी वजह से सोने का समय पीछे जाता है, नींद अधूरी रहती है और अगला पूरा दिन सुस्ती व कम physical activity में निकलने लगता है।
यही वजह है कि इस पोस्ट का संदेश आज के समय में बेहद जरूरी है, मोबाइल छोड़ना नहीं है, मोबाइल को अपनी नींद और दिनचर्या पर कब्जा नहीं करने देना है।
और दिल की सेहत सिर्फ एक आदत पर निर्भर नहीं करती। मोटापा, हाई BP, diabetes, smoking, खराब diet, stress, कम exercise और नींद की कमी जैसे कई factors मिलकर जोखिम बढ़ाते हैं।
आज रात एक छोटा-सा प्रयोग करके देखिए : सोने से 30–60 मिनट पहले फोन किनारे रख दीजिए, कमरे की रोशनी कम कीजिए और शरीर को आराम करने दीजिए। रील कल भी मिल जाएगी… लेकिन नींद और दिल की सेहत को रोज थोड़ा समय देना जरूरी है ।
