श्री गुरु ग्रंथ साहिब का 422 वां प्रकाश पर्व धूमधाम से मना,सरबत के भले की हुई अरदास।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब का 422 वां प्रकाश पर्व धूमधाम से मना,सरबत के भले की हुई अरदास।
हरिकिशन गंगवानी/झारखंड
गिरिडीह : श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का 422 वां प्रथम प्रकाश पर्व रविवार को जिले स्टेशन रोड स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर गुरुद्वारों में सुबह से ही संगत का तांता लगा रहा।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में 48 घंटे के शुरू हुए श्री अखंड पाठ साहिब का रविवार सुबह भोग डाला गया। इसके बाद हजूरी रागी जत्था ने पोथी परमेश्वर का थानु,साधसंगि गावहि गुण गोबिंद के एवं देहि शिवा बर मोहि इहै, शुभ करमन ते कभूं न टरूं गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया जिससे गुरुद्वारे का माहौल भक्तिमय हो गया।
ग्रंथी ने कथा के माध्यम से गुरु ग्रंथ साहिब जी के इतिहास और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला और कहा कि प्रकाश पर्व हमें समानता,सेवा और मानवता का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव जी ने विक्रम संवत 1661 में आज ही के दिन दरबार साहिब,अमृतसर में आदि ग्रंथ को पहली बार प्रकाशमान किया था।
