September 13, 2026

पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के परिवार की जमीन की बिक्री का मामला गहराया, बड़े खेल की आशंका? 

पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के परिवार की जमीन की बिक्री का मामला गहराया, बड़े खेल की आशंका? 

पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के परिवार की जमीन की बिक्री का मामला गहराया, बड़े खेल की आशंका?

 

कम्पनियों के स्थानंतरण, राजस्व का नुकसान, शेल कम्पनियों की उपस्तिथी का आभास, इसकी आड़ में जमीन का खेल शुरू, सफेदपोशों की उपस्तिथी का आगाज, पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के परिवार की 100 बीघे से ज्यादा बेशकीमती जमीन पर फिर कतिथ भूमाफियाओं ओर सफेदपोशों की गिद्ध दृष्टि, नए सिरे से प्लॉटिंग की तैयारी,।

 

कतिथ राधा डेवलपर्स के नाम से बिक्री का रास्ता साफ करने के लिए साम, दाम दण्ड भेद की नीति का आरोप, विकास प्राधिकरण के नोटिस के बावजूद कार्रवाई न होने पर उठे सवालों को लेकर प्रश्नचिन्ह? आखिर कौन कौन सफेदपोश नेता शामिल है इस खेल में बड़ा सवाल?

 

सहारनपुर : पूर्व एमएलसी और चर्चित खनन कारोबारी हाजी इकबाल तथा उसके परिवार से जुड़ी 100 बीघे से अधिक बेशकीमती जमीन को लेकर एक बार फिर शासन प्रशासन की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं, आरोप है कि करोड़ों रुपये की इस जमीन को एक कंपनी से दूसरी और तीसरी कंपनी के नाम स्थानांतरित करने का सिलसिला चलाये जाने के बाद जमीन की बिक्री का मसौदा तैयार किया जा रहा है, इसी क्रम में अब राधा डेवलपर्स के नाम से कॉलोनी काटकर जमीन बेचने की प्रक्रिया शुरू होने की बात सामने आई है, आखिर कहा से आयी है यह राधा डेवलेपर्स, कौन है इस सबके पीछे? कही किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट का हाथ भी तो इसके पीछे नही है? क्या कुछ सफेदपोश या फिर नेता? मामला बेहट रोड क्षेत्र से जुडा और विकास प्राधिकरण के जोन-3 क्षेत्र का बताया जा रहा है, आरोप है कि जमीन पर प्लॉटिंग का काम तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है, जबकि प्राधिकरण की ओर से नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने अवश्य आई है, स्थानीय स्तर पर ओर सामाजिक लोगो के द्वारा जमीन की प्लॉटिंग को लेकर आपत्ति जताए जाने के बावजूद कार्रवाई कागजों और फाइलों तक सीमित रहने के आरोप भी लग रहे है, वही कम्पनियो के स्थानांतरण को लेकर परवर्तन निदेशालय की भी दत्तक सुनाई देने लगी है। वही दस्तावेजों में इंडिया पैसिफिक इन्फ्रास्ट्रक्चर्स प्रा. लि., 246 पॉकेट-बी, सुखदेव विहार, डी.डी.ए. फ्लैट्स, नई दिल्ली से जुड़े पार्टनर विवेक गोयल पुत्र राजकुमार गोयल निवासी सहारनपुर का नाम खारिज होकर क्रेता के रूप में राधा डेवलपर्स का नाम दर्ज होने की बात सामने आई है, इसके बाद राधा डेवलपर्स के नाम से कॉलोनी विकसित कर प्लॉट बेचने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की चर्चा है, अब बड़ा सवाल यही है कि अगर जमीन की स्थिति और प्लॉटिंग को लेकर प्राधिकरण को जानकारी है, तो मौके पर प्रभावी कार्रवाई को क्यों अंजाम तक नहीं पहुँचाया जा रहा, करोड़ों की जमीन के इस कथित लेन-देन में कंपनियां बदलने के पीछे असली उद्देश्य क्या है और कौन-कौन चेहरे इस पूरे खेल से जुड़े हैं, इन सवालों पर निष्पक्ष जांच और प्रशासन की स्पष्ट कार्रवाई का इंतजार है। 100 बीघा से ज्यादा जमीन के इस खेल में सभी दस्तावेज और लोगों की जानकारी जुटाई गयी है कुछ और दस्तावेज सामने आने को तैयार बताये जा रहै है, इस बंदरबांट को लेकर जल्द ही सभी बेनक़ाब होंगे? आखिर इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कौन है? जिनके कारण इस प्रकार के खेल किये जा रहे है। कही यह खेल सफेदपोशों ओर भूमाफियाओं के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट गठजोड़ की मिलीभगत का एक सुनियोजित षड्यंत्र तो नही।

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