चिल्ला गांव के अजय चौधरी की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप ! परिजन 24 सितंबर से नोएडा से दिल्ली तक तलाशते रहे ।

चिल्ला गांव के अजय चौधरी की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप!परिजन 24 सितंबर से नोएडा से दिल्ली तक तलाशते रहे, इधर LBS मोर्चरी में पड़ा था शव; परिवार का आरोप—छह दिन तक नहीं दी गई सूचना
प्राइम इंडिया न्यूज़ संवाददाता अजीत कुमार, दिल्ली ।
पूर्वी दिल्ली के चिल्ला गांव में अजय चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आने के बाद मातम के साथ-साथ कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब एक सप्ताह से लापता अजय की तलाश में उनका परिवार 24 सितंबर से नोएडा से दिल्ली तक भटकता रहा। परिजनों का आरोप है कि जिस युवक को परिवार लगातार तलाश रहा था, उसका शव कथित तौर पर छह दिन पहले ही लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की मोर्चरी में पहुंच चुका था, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों के अनुसार अजय का शव थाना आईपी एक्सटेंशन क्षेत्र में मिला था और इसके बाद उसे LBS अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया। परिवार का कहना है कि अजय के लापता होने के बाद उन्होंने हर संभव जगह तलाश की, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं मिली कि उनका अपना व्यक्ति अस्पताल की मोर्चरी में मौजूद है। यही वह बिंदु है जिसने पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीर बना दिया है और अब परिवार जवाब मांग रहा है कि आखिर सूचना पहुंचने में इतनी देरी कैसे हुई।
अजय चौधरी चिल्ला गांव में बॉडीबिल्डर के रूप में पहचान रखते थे। बताया जा रहा है कि वह बाउंसर की नौकरी करते थे और नोएडा जाकर काम करते हुए अपनी पत्नी और दो बच्चों की जिम्मेदारी संभालते थे। परिवार के मुताबिक अजय घर का प्रमुख कमाने वाला सहारा था। एक तरफ परिवार अजय की तलाश में परेशान था और दूसरी तरफ उसकी मौत की खबर ने पूरे गांव को झकझोर दिया।
अजय की मौत की परिस्थितियों को लेकर परिवार ने गंभीर सवाल उठाते हुए पोस्टमार्टम से पहले FIR दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है। इसी के विरोध और इंसाफ की मांग को लेकर बड़ी संख्या में चिल्ला गांव के लोग LBS अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पहुंच गए।
अब सवाल सिर्फ अजय की मौत का नहीं है, बल्कि उस पूरे घटनाक्रम का है जिसके बीच एक परिवार अपने लापता सदस्य को तलाशता रहा। आखिर अजय की मौत कैसे हुई? शव किन परिस्थितियों में मिला? परिवार को कथित तौर पर छह दिन तक सूचना क्यों नहीं मिली? क्या लापता व्यक्ति के परिजनों को सूचना देने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया? परिवार की शिकायत पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की? और क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करेगी?
इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जाए और यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाए। पुलिस का आधिकारिक पक्ष और पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
अजय चौधरी की मौत ने चिल्ला गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। पीछे रह गए हैं उनकी पत्नी, दो बच्चे और वह परिवार जो अब अपने बेटे की मौत की सच्चाई जानना चाहता है। ऐसे में इस मामले में हर तथ्य की पारदर्शी जांच और आधिकारिक रूप से सामने आने वाली जानकारी पर पूरे इलाके की नजर बनी हुई है।
