करनाल बिजली निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) गीतू राम तंवर सु”सा#इड केस ने तूल पकड़ लिया है।

करनाल बिजली निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) गीतू राम तंवर सु”सा#इड केस ने तूल पकड़ लिया है। परिवार ने सोमवार को 12 घंटे बाद पो#स्टमॉ#र्टम तो करा दिया, लेकिन एफआईआर में उन 12 अफसरों के नाम शामिल नहीं करने तक अंति”म सं”स्कार से इनकार कर दिया है, जिन पर तंवर ने अपने सु”सा#इड नोट में जातिगत भेदभाव करने जैसे गंभीर आरोप लगाए है।
परिवार। का कहना है कि जब तक नोट में शामिल एक-एक अफसर की गिरफ्तारी नहीं हो जाती और टर्मिनेशन नहीं कर दिया जाता, तब तक वे अं”तिम संस्”कार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा-
” क्या दलित समाज में जन्म लेकर हमने बहुत बड़ा गुनाह कर दिया। आगे कोई भी दलित न तो अपने बेटे को पढ़ाएगा और न ही कोई अफसर बनाएगा। जैसे आईपीएस वाई पूरण कुमार केस में हुआ, मेरे भाई गीतूराम तंवर ने भी उसी तरह सु”सा#इड जैसा कदम उठाया। मेरे भाई ने आईजी सोनीपत को शिकायत दी, एमडी को शिकायत दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
‘जा’ट-झोट्टा जहां मिलेगा, वहीं लट्ठ मारूंगा’ वाले वीडियो पर चार माह से सस्पेंड चल रहे गीतू राम तंवर का 31 अगस्त को रिटायरमेंट भी था। पत्नी और बेटियों को घर से वे यह कहकर निकल थे कि “अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आता हूं”। इसके बाद उनका श#व डीएवी स्कूल के पास कार में पड़ा मिला था। सु₹साइ#ड नोट में उन्होंने चार महीने में डेटवाइज 28 पत्र शासन-प्रशासन को लिखने जिक्र किया था।
