September 25, 2026

एमएमए में देश को पहला एशियन गेम्स पदक दिलाकर सुचिका ने बढ़ाया गौरव : एमएलए मुकेश

एमएमए में देश को पहला एशियन गेम्स पदक दिलाकर सुचिका ने बढ़ाया गौरव : एमएलए मुकेश

एमएमए में देश को पहला एशियन गेम्स पदक दिलाकर सुचिका ने बढ़ाया गौरव : एमएलए मुकेश

अनुशासन और संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया

खेल नीतियों से हरियाणा की प्रतिभाएं विश्व पटल पर बना रही पहचान

एशियन गेम्स में भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाली सुचिका

पदक जीतने वाली गुरुग्राम खेल विभाग की जूनियर प्रशिक्षक सुचिका तरियाल

 

गुरुग्राम 25 सितंबर। जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स-2026 में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) की महिला 60 किलोग्राम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए इस खेल में पहला एशियन गेम्स पदक हासिल करने वाली गुरुग्राम खेल विभाग की जूनियर प्रशिक्षक सुचिका तरियाल का स्थानीय नेहरू स्टेडियम में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सम्मान समारोह में गुरुग्राम के एमएलए मुकेश शर्मा ने सुचिका तरियाल को सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धि को देश और प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि सुचिका ने अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। उनका यह पदक विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एमएमए में यह भारत का एशियन गेम्स का पहला पदक है।

सफलता प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा

मुकेश शर्मा ने कहा कि खेल के मैदान में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि इसके पीछे वर्षों की मेहनत, निरंतर अभ्यास, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों से लड़ने का जज्बा होता है। सुचिका तरियाल ने अपनी उपलब्धि से यह साबित किया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो गुरुग्राम और हरियाणा की प्रतिभाएं दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों पर भी देश का नाम रोशन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुचिका की यह सफलता गुरुग्राम के अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

 

हरियाणा की खेल नीति खिलाड़ियों को दे रही मजबूत आधार

 

मुकेश शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार सुविधाओं और खेल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार द्वारा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल सुविधाएं, प्रोत्साहन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की खेल नीति का उद्देश्य केवल पदक जीतने वाले खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव और शहरों में छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना भी है।

प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिल रही

एमएलए मुकेश ने कहा कि सरकार द्वारा खेल नर्सरियों, अकादमियों, खेल आधारभूत ढांचे और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिल रही है। सुचिका तरियाल जैसी उपलब्धियां इस बात का उदाहरण हैं कि हरियाणा की प्रतिभाएं सही अवसर और सुविधाएं मिलने पर देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकती हैं। कार्यक्रम में जिला खेल अधिकारी आरती कोहली सहित खेल विभाग के अधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.