September 10, 2026

सीलिंग के बाद भी निर्माण का खेल? त्रिलोकपुरी में MCD के बिल्डिंग डिपार्टमेंट पर गरजे सवाल!

सीलिंग के बाद भी निर्माण का खेल? त्रिलोकपुरी में MCD के बिल्डिंग डिपार्टमेंट पर गरजे सवाल!

सीलिंग के बाद भी निर्माण का खेल? त्रिलोकपुरी में MCD के बिल्डिंग डिपार्टमेंट पर गरजे सवाल!

निगम पार्षद और विधायक भी घिरे जवाबदेही के घेरे में

बुक मकानों पर दोबारा निर्माण कैसे, किसकी निगरानी में चल रहा है खेल?

प्राइम इंडिया न्यूज संवाददाता अजीत कुमार दिल्ली ।

पूर्वी दिल्ली की त्रिलोकपुरी विधानसभा में अवैध निर्माण को लेकर अब MCD के बिल्डिंग डिपार्टमेंट से लेकर निगम पार्षद और स्थानीय विधायक तक सवालों की बौछार होनी चाहिए। जब MCD किसी निर्माण को बुक करती है, नोटिस जारी करती है या सीलिंग की कार्रवाई करती है, तो उसके बाद उसी जगह निर्माण आगे बढ़ने की शिकायतें सामने आएं तो सबसे बड़ा सवाल यही है आखिर निगरानी व्यवस्था कहां है?

 

MCD के संबंधित बिल्डिंग डिपार्टमेंट JE, AE और फील्ड स्टाफ से पूछा जाना चाहिए कि बुकिंग और सीलिंग के बाद संपत्तियों का फॉलो-अप निरीक्षण कितनी नियमितता से किया जाता है। अगर कहीं सील के बावजूद निर्माण आगे बढ़ा, तो शिकायत मिलने के बाद किस अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया और क्या कार्रवाई की गई?

 

लेकिन सवाल सिर्फ MCD तक सीमित नहीं रहना चाहिए। स्थानीय निगम पार्षद और विधायक भी जनता के जवाबदेही के घेरे से बाहर नहीं हो सकते। क्षेत्र में अवैध निर्माण की शिकायतें सामने आती हैं तो क्या जनप्रतिनिधियों ने MCD के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी? क्या उन्होंने बुक और सील किए गए निर्माणों की वर्तमान स्थिति पर प्रशासन से जवाब मांगा? जनता की शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और कार्रवाई की स्थिति पूछने की पहल कितनी हुई?

 

अब त्रिलोकपुरी में मांग उठनी चाहिए कि MCD पूरे क्षेत्र की बुकिंग, सीलिंग और उसके बाद हुए निरीक्षण का रिकॉर्ड सार्वजनिक करे। साथ ही यह भी सामने आए कि जिन जगहों पर कार्रवाई के बाद दोबारा निर्माण की शिकायत हुई, वहां किस अधिकारी ने क्या कदम उठाया।

 

यह किसी एक व्यक्ति या पार्टी पर आरोप लगाने का मामला नहीं है। जहां जिसकी जिम्मेदारी है, वहां उससे जवाब मांगा जाना चाहिए। अधिकारी हों, निगम पार्षद हों या विधायक

जनता के सवालों का जवाब देना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।

 

त्रिलोकपुरी का सवाल बेहद सीधा है अगर MCD की सील लगने के बाद भी निर्माण आगे बढ़ सकता है, तो फिर सीलिंग की निगरानी कौन कर रहा है? और अगर निगरानी में चूक हुई, तो उसकी जवाबदेही कौन तय करेगा?

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