गरीब का सपना ओर दिल्ली सरकार के सिस्टम पर सवाल ?

गरीब का सपना
और सिस्टम पर बड़ा सवाल ?
कहते हैं कि हर इंसान का एक सपना होता है—अपना खुद का घर। एक गरीब परिवार का भी उतना ही अधिकार है कि वह अपने सपनों का आशियाना बनाए। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक गरीब परिवार सिस्टम से कैसे लड़े?
अगर ज़मीन उसकी अपनी है, सभी कागज़ पूरे हैं और वह नियमों के अनुसार अपना मकान बनाना चाहता है, तो फिर उसे किसी को पैसे क्यों देने पड़ें? वह अपनी मेहनत की कमाई ईंट, सीमेंट और अपने घर पर खर्च करना चाहता है, किसी की जेब भरने पर नहीं। यदि सरकार द्वारा निर्धारित कोई वैध शुल्क है, तो वह अलग बात है, लेकिन भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से पूरी व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की छवि भी प्रभावित होती है। इसी मामले को लेकर मेरी निगम पार्षद जी से बात हुई। उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। निगम पार्षद जी ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार को पूरा सहयोग दिया जाएगा और अपना मकान बनाने में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
उनका यह आश्वासन निश्चित रूप से भरोसा देता है, लेकिन सवाल अभी भी बाकी है। जब एक गरीब परिवार अपना ही मकान बनाने से पहले डर और चिंता में जीने को मजबूर हो जाए, तो यह चिंता का विषय है। अगर सब कुछ नियमों के अनुसार है, तो फिर डर किस बात का?
अगर इस मामले की आवाज़ सोशल मीडिया तक पहुँची है, तो सोचिए ऐसे कितने गरीब परिवार होंगे जो अपनी बात सोशल मीडिया तक भी नहीं पहुँचा पाते। उनके साथ क्या होता होगा? यह सोचने और व्यवस्था को बेहतर बनाने का विषय है।
हम रोहतास जी का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने इस मुद्दे को ग्रुप में उठाया। ऐसे कई महत्वपूर्ण मामले हमारी नज़र से छूट जाते हैं, लेकिन जब कोई आवाज़ उठाता है, तो समाज और मीडिया की भी जिम्मेदारी बनती है कि सच को सामने लाया जाए।
हम सभी मीडिया साथियों और समाज के जिम्मेदार लोगों से अपील करते हैं कि यदि समय हो, तो इस पीड़ित परिवार तक पहुँचें, उनकी स्थिति देखें, उनकी आवाज़ को आगे बढ़ाएँ और संबंधित अधिकारियों व निगम पार्षद से तथ्यात्मक सवाल पूछें, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
हमारी मंशा किसी व्यक्ति या संस्था की छवि खराब करना नहीं, बल्कि एक गरीब परिवार की आवाज़ को सामने लाना है। उम्मीद है कि निगम पार्षद जी के आश्वासन के अनुरूप पीड़ित परिवार बिना किसी भय के अपना मकान बना सकेगा और यदि किसी स्तर पर कोई गलत कार्य हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। यही न्याय होगा और यही जनता का विश्वास भी मजबूत करेगा।
