“25 शादियों का शिकारी दूल्हा!” — विधायक की बेटी तक को नहीं छोड़ा ।

- “25 शादियों का शिकारी दूल्हा!” — विधायक की बेटी तक को नहीं छोड़ा
, ‘समधी’ निकला संगठित ठगी गैंग का मास्टरमाइंड
उत्तर प्रदेश से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों, भरोसे और समाज की नींव तक को झकझोर कर रख दिया है। भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी, जो खुद सत्ता और सिस्टम का हिस्सा हैं, वही आज एक ऐसे ठगी के जाल में फंस गए हैं, जिसकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती लेकिन हकीकत उससे कहीं ज्यादा खौफनाक बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि विधायक ज्ञान तिवारी ने अपनी डॉक्टर बेटी की शादी पूरे सम्मान और भरोसे के साथ अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर त्रिवेदी से कराई थी। प्रखर ने खुद को एक सफल रियल एस्टेट कारोबारी बताया, परिवार ने अपनी छवि एक प्रतिष्ठित और संभ्रांत घराने की तरह पेश की, और इसी भरोसे के दम पर यह रिश्ता तय हुआ लेकिन शादी के बाद जो सच सामने आया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया।
आरोपों के मुताबिक यह कोई आम परिवार नहीं बल्कि एक सुनियोजित ‘शादी ठगी गैंग’ है, जो रिश्तों के नाम पर लोगों को फंसाकर उनकी भावनाओं और पैसों दोनों से खेलता रहा है कहा जा रहा है कि इस गैंग ने अब तक करीब 25 लड़कियों से शादी कर करोड़ों रुपये ऐंठे हैं हर बार नई पहचान, नया झांसा और फिर शादी के बाद धोखा यही इनका तरीका बताया जा रहा है ।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार इस कथित ठगी का शिकार कोई आम व्यक्ति नहीं बल्कि खुद एक भाजपा विधायक का परिवार बना है सत्ता में होने के बावजूद जब एक विधायक अपने ही समधी के जाल में फंस सकता है तो आम जनता की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं
अब इस पूरे मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इतने लंबे समय से यह कथित गैंग कैसे सक्रिय रहा क्या पहले भी शिकायतें दबाई गईं क्या इस नेटवर्क में और लोग शामिल हैं और क्या इस पूरे खेल के पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है
जनता के मन में गुस्सा भी है और डर भी क्योंकि अगर रिश्तों के नाम पर इस तरह का खेल खुलेआम चलता रहा तो भरोसा शब्द ही खत्म हो जाएगा अब सबकी नजर पुलिस और प्रशासन पर टिकी है कि इस बड़े आरोपित ठगी कांड में कब सख्त कार्रवाई होती है और क्या पीड़ितों को इंसाफ मिल पाता है या नहीं
