हम आरक्षण छोड़ने को तैयार है, वर्ण ओर जाति व्यवस्था समाप्त हो : बबन रावत

हम आरक्षण छोड़ने के लिए तैयार हैं. हम अनुसूचित जाति के जाति प्रमाण पत्र जलाने के लिए तैयार हैं. व शर्ते आप संसद से वर्ण और जाति व्यवस्था समाप्त करने का कानून बनवा दें. (बबन रावत)
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मैं एक मेहतरनी का बेटा हूँ. मेरी माँ ने सर पर मैला ढो कर, जूठन खिलाकर. टूटे फूटे सरकारी स्कूल में पढ़ाया. स्कूल के दिनों में मेरे साथ छुआछूत का भी बर्ताव हुआ.
आज से 36 साल पहले मैं हिस्ट्री से MA हूँ. पत्रकारिता में डिप्लोमा हूँ. मैंने भाषण प्रतियोगिता में यूनिवर्सिटी में टॉप किया था.
जीवन में एक ही नौकरी का एग्जाम दिया था, ‘ऑल इंडिया रेडियो’ विवित भारती में उद्घोषक का. उसमें भी रिटेन में ऑल इंडिया टॉप किया था. परंतु कास्टीज्म के वजह से ओडिशन में मुझे छांट दिया गया. ( यह बात वर्ष 1987 की है.)
मैंने जीवन में किसी भी तरह का आरक्षण का लाभ नहीं लिया. लेकिन जो लोग आरक्षण का विरोध करते हैं उनको चैलेंज करता हूं वह हमसे किसी भी विषय पर डिबेट कर लें.
मैंने अपने बच्चों को भी अभी तक आरक्षण का लाभ नहीं दिलवाया है. जो लोग आरक्षण का विरोध कर रहे हैं उनको मालूम होना चाहिए सरकारी क्षेत्र के नौकरियों में अब आरक्षण है कहां ? मात्र 2% बचा है.
सिर्फ विधाई क्षेत्र में आरक्षण बचा है. आप ने विगत 3000 वर्षों से आरक्षण का लाभ उठाया है, हमने तो कभी आप से सवाल नहीं किया.
जो लोग आरक्षण पर सवाल उठा रहे हैं क्या वे लोग बता सकते हैं ?
देश में बड़े-बड़े पुल निर्माण के समय/बाद में धराशाई क्यों हो गए ?वह ठेकेदार किस जाति का था ? वहां काम करने वाले इंजीनियर किस जाति के थे ?
मरीज के पेट में रोईं, कैंची छोड़ने वाले डॉक्टर किस जाति के थे ? डोनेशन के बल पर डॉक्टर और इंजीनियर बनने वाले अधिकांश किस जाति के होते हैं ?
जो लोग आरक्षण का विरोध करते हैं, वैसे लोग क्या बतला सकते हैं कि देश का गोपनीय सुरक्षा दस्तावेज बेचने वाले, राष्ट्रद्रोह जैसे अपराध करने वाले लोगों में कितने दलित समाज के लोग हैं ? आपको मालूम है तो किसी एक का भी नाम बतला दीजिए ?
जो लोग आरक्षण का विरोध करते हैं, वे लोग क्या यह बतला सकते हैं कि देश के साथ किसी दलित ने कभी गद्दारी की है ? यदि गद्दारी की है तो उस दलित का नाम बता दे. अन्यथा हम दर्जनों ऐसे लोगों का नाम बता देंगे जिन्होंने अपने देश भारत के साथ गद्दारी की है.
जो लोग आरक्षण का विरोध करते हैं, वे लोग बता सकते हैं कि सिकंदर को सिंध (भारत) पर हमला करने के लिए किसने बुलाया ? क्या किसी दलित ने बुलाया ?
जो लोग दलित आरक्षण का विरोध करते हैं, वे लोग क्या यह बता सकते हैं कि मोहम्मद बिन कासिम को भारत पर हमला करने के लिए किसने बुलाया ? क्या किसी दलित ने बुलाया ?
जो लोग दलित आरक्षण का विरोध करते हैं, क्या वे लोग बता सकते हैं कि बाबर को भारत पर हमला करने के लिए किसने बुलाया ? क्या किसी दलित ने बुलाया ?
जो लोग दलित आरक्षण का विरोध करते हैं, वे लोग क्या बतला सकते हैं सोमनाथ मंदिर की तहखाना में रखें सोने चांदी हीरे जवाहरात को मोहम्मद गजनी के हाथों किसने लुटवाया ? क्या किसी दलित ने लुटवाया ?
जो लोग दलित आरक्षण का विरोध करते हैं, क्या वे लोग बता सकते हैं कि जब राणा प्रताप अकबर के खिलाफ हल्दीघाटी के मैदान में युद्ध लड़ रहे थे, तो युद्ध के मैदान में अकबर का सेनापति कौन था ? क्या कोई दलित था ?
जो लोग दलित आरक्षण का विरोध कर रहे हैं, वे लोग बता सकते हैं. अंग्रेजों की मुखबिरी किसने की ? राय बहादुर, सूबेदार बहादुर की उपाधि अंग्रेजों से किन लोगों ने हासिल की ? किस उपलक्ष में हासिल की ? अपनी रियासत बचाने के लिए मुगलों और अंग्रेजों को क्या-क्या देना पड़ा ?
जो लोग दलित आरक्षण का विरोध करते हैं, क्या वे लोग बता सकते हैं कि स्वामी दयानंद सरस्वती को जहर किसने दी ? चंद्रशेखर आजाद को धोखे से किसने मरवाया ? क्या किसी दलित ने जहर दी ? चंद्रशेखर आजाद की मुखबारी किसी दलित ने की ?
जो लोग डॉ.अंबेडकर द्वारा लिखित संविधान को बी. एन. राव (बेनेगल नरसिंह राव) द्वारा लिखित संविधान मान रहे हैं, वे लोग भारत के संविधान में दिए हुए आरक्षण का विरोध क्यों कर रहे हैं ?
चलो हमने तुम्हारी बात मान ली, कि डॉक्टर अंबेडकर ने नहीं, तुम्हारे शब्दों में भारत का संविधान बी. एन. राव ने लिखा है, तो संविधान में आरक्षण का प्रावधान तुम्हारे ही बाप दादाओ ने हीं तो किया है, फिर आरक्षण का विरोध क्यों ?
जो लोग यह कहते हैं कि इस देश के दलित सबसे पहले अपना जाति प्रमाण पत्र फाड़ दें. हम जाति प्रमाण पत्र फाढ़ने के लिए तैयार हैं. हम जाति प्रमाण पत्र जलाने के लिए तैयार हैं. बा शर्तें कि आप भारत के सांसद से चारों वर्ण और जाति को समाप्त करने का कानून बनवा दें.
- चारों शंकराचार्य के मठ में ताला लगवा दें. ऊँच नीच की भाषा व्यवहार पर प्रतिबंध लगवा दें. मंदिरों में योग्यता के आधार पर पुजारी रखवा दें. प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान बंद करवा दें. सभी को सरकारी शैक्षिक संस्थानों में पढ़ने के लिए अनिवार्य कानून बनवा दें. (बबन रावत-पूर्व उपाध्यक्ष-राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (भारत सरकार.)
