भाजपा सरकार का एक और गरीब-विरोधी कृत्य, स्ट्रीट वेंडरों पर रोज़गार का संकट: कांग्रेस ।

भाजपा सरकार का एक और गरीब-विरोधी कृत्य, स्ट्रीट वेंडरों पर रोज़गार का संकट ।
भाजपा सरकार का एक और गरीब-विरोधी कृत्य चौंकाने वाला है। BRICS शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में आयोजित होना था, लेकिन इस दौरान कनॉट प्लेस में स्ट्रीट वेंडिंग और तहबाज़ारी की गतिविधियों को रोक दिया गया। वेंडरों से कहा गया था कि शिखर सम्मेलन के बाद उन्हें अपना व्यवसाय फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी जाएगी, लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि मंशा कुछ और ही थी। सम्मेलन समाप्त होने के बाद भी सैकड़ों तहबाज़ारी वेंडर अपना कारोबार दोबारा शुरू नहीं कर पाए हैं और वे लगभग भुखमरी जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।
कनॉट प्लेस और जनपथ के सैकड़ों स्ट्रीट वेंडरों ने पूर्व सांसद एवं असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (KKC) के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. उदित राज के नेतृत्व में आज NDMC के समक्ष विशाल प्रदर्शन किया और वेंडिंग पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। प्रभावित वेंडरों में से अनेक का कहना है कि उनके पास वैध Certificate of Vending (COV) तथा वेंडिंग की स्थिति को मान्यता देने वाले अन्य आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अनधिकृत वेंडरों से संबंधित न्यायालय के निर्देशों को उन वेंडरों पर एक समान रूप से लागू नहीं किया जाना चाहिए, जिनके पास वैध COV हैं अथवा जिनके वेंडिंग अधिकार पहले से मान्यता प्राप्त हैं। प्रतिनिधिमंडल ने NDMC से आग्रह किया कि प्रत्येक वेंडर के मामले की लागू कानूनों और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग जांच की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने NDMC के चेयरमैन से कल मुलाकात का समय भी मांगा है। बैठक में प्रतिनिधिमंडल द्वारा COV, NDMC क्षेत्र के वेंडरों से संबंधित पूर्व न्यायालयीन आदेश, मान्यता प्राप्त/पूर्व से मौजूद वेंडरों के रिकॉर्ड, वर्ष 2025 की पात्र वेंडरों की संबंधित सूची तथा Street Vendors (Protection of Livelihood and Regulation of Street Vending) Act, 2014 के प्रावधान प्रस्तुत किए जाएंगे।
वेंडरों ने स्पष्ट किया कि वे सार्वजनिक स्थानों पर बिना किसी प्रतिबंध के कब्जा करने का अधिकार नहीं मांग रहे हैं। उनकी मांग 2014 के अधिनियम के तहत निष्पक्ष और कानूनसम्मत नियमन की है। यह अधिनियम स्ट्रीट वेंडरों के सर्वेक्षण, Certificate of Vending जारी करने, वेंडिंग के नियमन, स्थानांतरण/हटाने तथा शिकायतों के निवारण के लिए वैधानिक ढांचा प्रदान करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्ट्रीट ट्रेडिंग को संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) के दायरे में मान्यता दी है, हालांकि यह उचित नियमन के अधीन है।
वेंडरों ने NDMC से मांग की कि यदि किसी वेंडर को हटाने का प्रस्ताव है तो उसके लिए स्पष्ट कानूनी और तथ्यात्मक आधार बताया जाए तथा किसी भी जबरन कार्रवाई से पहले वैध COV और प्रत्येक वेंडर की व्यक्तिगत आपत्तियों पर उचित विचार किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. उदित राज जी के अलावा श्री विनोद पवार, चेयरमैन, दिल्ली प्रदेश KKC; तथा वेंडर प्रतिनिधि श्री नानक चंद, श्री विश्व जैन और श्री दिनेश कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे।
संपर्क:
सी. एल. मौर्य
निजी सचिव, माननीय डॉ. उदित राज, पूर्व सांसद
राष्ट्रीय चेयरमैन, असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (KKC)
