थानेदार के कमरे में गाली-गलौज और धमकी का वायरल वीडियो! शाहदरा पुलिस महकमे में मचा हड़कंप !

थानेदार के कमरे में गाली-गलौज और धमकी का वायरल वीडियो! शाहदरा पुलिस महकमे में मचा हड़कंप !
24 अक्टूबर की CCTV रिकॉर्डिंग होने का दावा, ACP मनस्वी वशिष्ठ से जुड़े पुराने विवाद का भी जिक्र; पुलिस थाने की गरिमा और कानून के राज पर उठे गंभीर सवाल
प्राइम इंडिया न्यूज़ संवाददाता अजीत कुमार दिल्ली।
रोहताश दिल्ली
दिल्ली पुलिस के शाहदरा जिले से जुड़ा एक कथित CCTV वीडियो इन दिनों पुलिस महकमे के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में तेजी से वायरल होने की चर्चा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो 24 अक्टूबर को शाहदरा थानाध्यक्ष के कमरे में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुआ था। वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक व्यक्ति को पुलिस अधिकारी के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते और धमकी भरे लहजे में बात करते हुए सुना जा सकता है।
वीडियो में सुनाई दे रहे कथित शब्द बेहद आपत्तिजनक हैं। यदि वीडियो की तारीख, स्थान और प्रामाणिकता की पुष्टि होती है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर पुलिस थाने जैसे जिम्मेदार संस्थान में किसी व्यक्ति को इस तरह की भाषा और व्यवहार करने की हिम्मत कैसे हुई?
इस प्रकरण में शाहदरा का कार्यभार देख रहे ACP मनस्वी वशिष्ठ का नाम भी चर्चा में है। उनके संबंध में पहले भी एक कथित विवाद का जिक्र किया जा रहा है, जिसमें वकीलों की ओर सरकारी हथियार तानने और उसे लोड करने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी आवश्यक है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस थाने के भीतर पुलिस अधिकारियों के साथ कथित अभद्रता और धमकी के मामले में क्या कार्रवाई की गई? क्या वायरल CCTV फुटेज की जांच कर संबंधित व्यक्ति की पहचान की गई है? क्या इस मामले में कोई लिखित शिकायत या विभागीय कार्रवाई हुई है?
वकालत एक सम्मानित और जिम्मेदार पेशा है। इस पेशे से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति से कानून और न्याय व्यवस्था के प्रति मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। किसी भी पेशे की आड़ में गाली-गलौज, धमकी या दबाव बनाने के कथित व्यवहार को उचित नहीं ठहराया जा सकता। वहीं पुलिस अधिकारियों से भी कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष और संयमित कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि दिल्ली पुलिस इस वायरल CCTV वीडियो का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराती है या यह मामला भी सवालों के बीच ही रह जाएगा। कानून की नजर में न कोई वर्दी से ऊपर है और न ही कोई पेशे की पहचान के नाम पर कानून से ऊपर।
