October 29, 2026

लापरवाही की इंतहा: मानसिक रूप से बीमार लापता व्यक्ति की थाने में तीन दिन बाद दर्ज हुई गुमशुदगी ।

लापरवाही की इंतहा: मानसिक रूप से बीमार लापता व्यक्ति की थाने में तीन दिन बाद दर्ज हुई गुमशुदगी ।

*लापरवाही की इंतहा: मानसिक रूप से बीमार लापता व्यक्ति की थाने में तीन दिन बाद दर्ज हुई गुमशुदगी*

*हादसे के बाद इलाज के दौरान मौत और अज्ञात में हुआ अंतिम संस्कार*

गाजियाबाद में पुलिस की बड़ी लापरवाही का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां मानसिक रूप से बीमार एक लापता व्यक्ति की सड़क हादसे में इलाज के दौरान मौत हो गई और पुलिस की लपरवाही के चलते परिजनों को उनकी अंतिम विदाई का मौका तक नहीं मिल सका। मामले में एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसीपी कविनगर को विस्तृत जांच सौंप दी है और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानसिक रूप से बीमार एक व्यक्ति घर से अचानक लापता हो गए थे, जिनकी गुमशुदगी की शिकायत उनकी बेटी द्वारा वेव सिटी थाने में दी गई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने तीन दिन बाद गुमशुदगी दर्ज की। इसके बाद 2 अक्टूबर को विजयनगर थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 6 अक्टूबर को पुरुषोत्तम यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई।
परिजनों को इस घटना की जानकारी 14 अक्टूबर को मिल पाई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और पुलिस द्वारा उनका अज्ञात में ही अंतिम संस्कार कराया जा चुका था, जिससे बेटी अपने पिता को अंतिम विदाई भी नहीं दे सकी। इस मामले में हादसे से संबंधित मुकदमा विजयनगर थाने में दर्ज किया गया है, लेकिन जांच के दौरान न तो केस के विवेचक (आईओ) ने कोई ठोस प्रयास किया और न ही मिसिंग सेल से कोई जानकारी जुटाई गई। इन गंभीर लापरवाहियों से आहत होकर बेटी ने आज एडिशनल सीपी के समक्ष पेश होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर अब एसीपी कविनगर को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सौंपी गई है।

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