यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब 8 साल पहले एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या से देश हिल गया था।

यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब 8 साल पहले एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या से देश हिल गया था।लखनऊ में 8 साल पहले हुई एप्पल के मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या में सिपाही प्रशांत चौधरी को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। गुरुवार को दिए अपने फैसले में लखनऊ कोर्ट ने प्रशांत चौधरी को गैर-इदातन हत्या का दोषी माना। दूसरे सिपाही संदीप कुमार को बरी कर दिया।
विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने कोर्ट के इस फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने फैसले को ‘घटिया’ बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगी। कल्पना ने कहा कि आज सुबह से कोर्ट के फैसले पर निगाहें थीं। उम्मीद थी कि उन्हें न्याय मिलेगा, लेकिन जो फैसला आया है, वह अन्यायपूर्ण है। फांसी न होती, तो कम-से-कम आजीवन कारावास की सजा होनी ही चाहिए थी।
कल्पना तिवारी ने कहा- प्रशांत चौधरी ट्रेंड सिपाही था। ऐसे में उससे गोली चलाने में गलती कैसे हो सकती है? मेरे पति की गोली मारकर हत्या की गई थी। दोनों सिपाही मौके पर मौजूद थे।
कल्पना ने दूसरे आरोपी संदीप कुमार को बरी किए जाने पर भी सवाल उठाए। कहा- संदीप को बरी करना भी गलत फैसला है। दोनों सिपाहियों की बराबर गलती है। कोर्ट के फैसले पर भावुक कल्पना ने कहा कि अब वह अपने बच्चों को क्या जवाब देंगी? परिवार लंबे समय से इस मामले में न्याय का इंतजार कर रहा था, लेकिन कोर्ट के फैसले से उन्हें निराशा हुई है।
29 सितंबर, 2018 की देर रात एप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी अपनी सहकर्मी सना खान के साथ कार से लौट रहे थे। गोमतीनगर विस्तार में मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार ने उनकी कार को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, कार नहीं रुकी और टक्कर की स्थिति बनी। इसी दौरान प्रशांत चौधरी ने गोली चला दी, जो विवेक को लगी। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद विवेक तिवारी की सहकर्मी सना खान की शिकायत पर लखनऊ के गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर सस्पेंड कर दिया गया था।
मामले की जांच एसआईटी ने की। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की गई। इसके बाद लखनऊ की जिला अदालत में मुकदमे की सुनवाई चली। मामले में गवाहों के बयान और साक्ष्यों समेत न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम बहस 6 अगस्त को पूरी हुई थी।
