केंद्र सरकार ने रबी सीजन की प्रमुख फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी की है।

केंद्र सरकार ने रबी सीजन की प्रमुख फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद गेहूं की MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। अब गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
MSP में बढ़ोतरी को लेकर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रधानमंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से किसानों को उनकी फसलों का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
जानकारी के मुताबिक, रबी फसलों में कुसुम की MSP में सबसे ज्यादा 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। वहीं सरसों की MSP में 413 रुपये और मसूर की MSP में 390 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।
कृषि मंत्री ने कहा कि MSP बढ़ने से किसानों को दलहन और तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दूसरी बड़ी खबर — किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि परामर्श
अब बात किसानों के लिए जारी की गई मौसम आधारित कृषि सलाह की।
लखनऊ में उपकार की क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों के लिए जरूरी कृषि परामर्श जारी किया गया है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखें और फसलों में जरूरत से ज्यादा यूरिया का इस्तेमाल करने से बचें। मौसम और फसल की आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करने पर जोर दिया गया है।
इसके अलावा धान की फसल में रोग और कीट नियंत्रण को लेकर भी किसानों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं सरसों, गन्ने और आलू की समय से बुवाई करने का सुझाव दिया गया है, ताकि किसानों को बेहतर उत्पादन मिल सके।
पशुपालकों के लिए भी जरूरी सुविधा की जानकारी दी गई है। पशुओं के निःशुल्क टीकाकरण के साथ मोबाइल वेटरनरी यूनिट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पशुपालक जरूरत पड़ने पर 1962 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
तीसरी बड़ी खबर — राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में मॉडल बायलॉज
अब बात उत्तर प्रदेश के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों से जुड़ी बड़ी खबर की।
राज्य के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को बेहतर और एकरूप बनाने के लिए मॉडल बायलॉज लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने चार राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों की प्रशासकीय परिषद की बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इनमें आजमगढ़, अम्बेडकरनगर, बिजनौर और कन्नौज के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैं।
बैठक में कॉलेजों के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों में एकरूपता लाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में शोध तथा नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही गई।
कॉलेजों में पेटेंट, पीएचडी, नए पाठ्यक्रम और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि युवाओं को उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुसार तकनीकी शिक्षा और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
चौथी बड़ी खबर — मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने का अभियान
अब लखनऊ से चौथी और महत्वपूर्ण खबर मतदाता सूची से जुड़ी हुई है।
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को और अधिक व्यवस्थित और समावेशी बनाने के लिए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र नागरिकों और नए मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
इस अभियान के दौरान युवा मतदाताओं, पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बेघर नागरिकों के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। इसके लिए voters.eci.gov.in वेबसाइट या ECINET ऐप के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म-6 भरने की सुविधा उपलब्ध है।
इसके अलावा जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी है, वे बीएलओ, एईआरओ और ईआरओ के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
निर्वाचन विभाग की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
