August 25, 2026

चकबंदी विवाद ने पकड़ा तूल, मुकदमे के विरोध में भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना शुरू ।

चकबंदी विवाद ने पकड़ा तूल, मुकदमे के विरोध में भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना शुरू ।

चकबंदी विवाद ने पकड़ा तूल, मुकदमे के विरोध में भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना शुरू ।

21 नामजद समेत 100 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज, किसानों ने मुकदमा वापस लेने और चकबंदी निरस्त करने की उठाई मांग

दीप चंद्र दीक्षित ब्यूरो प्राइम इंडिया न्यूज ।

 

फर्रुखाबाद। थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव नगला जब्ब में चकबंदी को लेकर चार दिन पहले हुए विवाद ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की तहरीर पर पुलिस द्वारा 21 नामजद तथा करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सैकड़ों कार्यकर्ता गांव बराकेशव में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। किसानों ने मुकदमा वापस लेने, निष्पक्ष जांच कराने और चकबंदी की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है।

 

जानकारी के अनुसार, गांव नगला जब्ब में चकबंदी से संबंधित कार्रवाई के दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं और चकबंदी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कुछ कर्मचारी जान बचाने के लिए एक ग्रामीण के घर में चले गए। कर्मचारियों का आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की और सरकारी अभिलेख छीन लिए।

 

घटना के बाद चकबंदी विभाग की ओर से थाना नवाबगंज में तहरीर दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने 21 नामजद और लगभग 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

मुकदमा दर्ज होने की सूचना मिलते ही भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। सोमवार को बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी गांव बराकेशव में एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुकदमा वापस लेने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।

 

धरने को संबोधित करते हुए भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अजय कटिहार ने कहा कि किसानों और संगठन के कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमा पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक मुकदमे वापस नहीं लिए जाते और चकबंदी प्रक्रिया निरस्त नहीं की जाती, तब तक धरना जारी रहेगा।

 

धरने में अरविंद कुमार शाक्य, छविनाथ शाक्य, अफरोज मंसूरी सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सैकड़ों किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए संगठन संघर्ष जारी रखेगा।

 

फिलहाल पुलिस दर्ज मुकदमे की जांच कर रही है, जबकि दूसरी ओर भाकियू (टिकैत) का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और किसान संगठन के बीच होने वाली वार्ता तथा इस विवाद के समाधान पर टिकी हैं।

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