August 24, 2026

AAP का पार्षद, AAP का विधायक, फिर भी गलियों में कचरे के पहाड़! 11, 2 और 16 ब्लॉक की तस्वीरों ।

AAP का पार्षद, AAP का विधायक, फिर भी गलियों में कचरे के पहाड़! 11, 2 और 16 ब्लॉक की तस्वीरों ।

AAP का पार्षद, AAP का विधायक, फिर भी गलियों में कचरे के पहाड़! 11, 2 और 16 ब्लॉक की तस्वीरों ने सफाई व्यवस्था के दावों को कटघरे में खड़ा किया ।

पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी से सामने आई तस्वीरें सिर्फ कूड़े की कहानी नहीं, बल्कि सफाई व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं। 11 ब्लॉक, 2 ब्लॉक और 16 ब्लॉक में सड़क किनारे कचरे के बड़े-बड़े ढेर दिखाई दे रहे हैं। जगह-जगह फैली गंदगी, सड़ता कचरा और उसी के बीच पॉलिथीन व सड़ा-गला खाना तलाशती बेसहारा गायों की तस्वीरें किसी भी जिम्मेदार व्यवस्था के लिए शर्मनाक सवाल से कम नहीं हैं।

सबसे गंभीर बात यह है कि जिस रास्ते से स्थानीय लोग और बच्चे गुजरते हैं, उसी के किनारे कचरा सड़क तक फैला हुआ है। कचरे के आसपास वाहन गुजर रहे हैं और बेसहारा पशु गंदगी खाने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं। बरसात के मौसम में कचरा सड़ने से बदबू और गंदगी की समस्या और बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई स्थानों पर नियमित कूड़ा उठान नहीं होने के कारण हालात लगातार बिगड़ रहे हैं ।

 

AAP का पार्षद, AAP का विधायक, फिर कल्याणपुरी का यह हाल क्यों?

कल्याणपुरी में पार्षद बंटी गौतम आम आदमी पार्टी से हैं और क्षेत्र के विधायक कुलदीप कुमार भी आम आदमी पार्टी से हैं। ऐसे में कल्याणपुरी की यह तस्वीर किसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ज्यादा सीधे तौर पर जवाबदेही का सवाल बन जाती है। जब इलाके में स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधि मौजूद हैं और जनता अपनी समस्याएं उनके सामने रखती है, तो फिर 11, 2 और 16 ब्लॉक की यह बदहाल तस्वीरें आखिर किसकी जिम्मेदारी तय करती हैं?

जनता का सवाल बिल्कुल साफ है कि जनप्रतिनिधि की सक्रियता का पैमाना केवल सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली तस्वीरें, पोस्ट और वीडियो होने चाहिए या फिर उस क्षेत्र की साफ-सुथरी सड़कें, नियमित कूड़ा उठान और बेहतर नागरिक सुविधाएं भी उनकी कार्यशैली का हिस्सा होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर विकास की तस्वीर कितनी भी चमकदार क्यों न हो, सड़क पर पड़ा कचरा व्यवस्था की असली तस्वीर सामने रख देता है।

कचरे के पहाड़ों के बीच स्वच्छता के दावे कितने मजबूत?

दिल्ली में स्वच्छता और बेहतर नागरिक सुविधाओं को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं। MCD की सफाई व्यवस्था के लिए संसाधन और कर्मचारी भी मौजूद हैं। इसके बावजूद यदि घनी आबादी वाले इलाके में कूड़ा सड़क तक पहुंच जाए और कई दिनों तक जमा रहने की शिकायत सामने आए, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि सफाई व्यवस्था की निगरानी आखिर कौन कर रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण बदबू और मच्छर-मक्खियों की समस्या बढ़ रही है। बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी हो रही है। ऐसे में यह मामला केवल सौंदर्य या सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी से भी जुड़ जाता है।

MCD से लेकर जनप्रतिनिधियों तक, जवाबदेही तय होनी चाहिए

कल्याणपुरी की तस्वीरें MCD प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सामने एक सीधा सवाल रखती हैं। यदि कूड़ा नियमित रूप से उठाया जा रहा है तो सड़क किनारे इतने बड़े ढेर क्यों दिखाई दे रहे हैं? यदि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होती है तो स्थानीय लोगों को बार-बार गंदगी की शिकायत क्यों करनी पड़ रही है? और यदि क्षेत्र की सफाई व्यवस्था ठीक है तो 11, 2 और 16 ब्लॉक की ये तस्वीरें किस व्यवस्था की कहानी बता रही हैं?

लोकतंत्र में चुनाव जीतना जिम्मेदारी की शुरुआत है, जिम्मेदारी का अंत नहीं। जनता ने अपने प्रतिनिधियों को इसलिए चुना है कि वे उसकी समस्याओं को उठाएं और समाधान सुनिश्चित कराएं। जनता को केवल आश्वासन नहीं चाहिए, उसे अपने घर के बाहर साफ सड़क, समय पर कूड़ा उठान और बेहतर नागरिक सुविधाएं चाहिए।

अब सोशल मीडिया नहीं, जमीन पर काम का इंतजार

कल्याणपुरी की इन तस्वीरों ने एक बेहद जरूरी सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर सक्रियता अपनी जगह है, लेकिन जनप्रतिनिधि की असली परीक्षा उसके क्षेत्र की जमीन पर होती है। यदि जनता के बीच से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय जिम्मेदार विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।

अब देखना यह है कि इन तस्वीरों के सामने आने के बाद MCD प्रशासन क्या कदम उठाता है और स्थानीय जनप्रतिनिधि कल्याणपुरी की सफाई व्यवस्था को लेकर क्या जवाब देते हैं। प्रथम झलक संबंधित जनप्रतिनिधियों और MCD का पक्ष मिलने पर उसे भी पूरी प्रमुखता के साथ प्रकाशित करेगा।

कल्याणपुरी की सड़कें आज सिर्फ कचरे से नहीं अटी पड़ी हैं, बल्कि वे उस जवाबदेही का इंतजार कर रही हैं जिसकी उम्मीद जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों से करती है। सवाल सीधा है—जब पार्षद भी AAP का है और विधायक भी AAP का, तो फिर कल्याणपुरी की जनता को इस गंदगी से कब मुक्ति मिलेगी?

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