डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है। टीके लहरी उनमें से ही हैं।मगर जब उसी भगवान के साथ उसी चिकित्सा संस्थान में मारपीट हो जाए, तो इससे शर्मनाक बात और क्या होगी ।

डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है। टीके लहरी उनमें से ही हैं।मगर जब उसी भगवान के साथ उसी चिकित्सा संस्थान में मारपीट हो जाए, तो इससे शर्मनाक बात और क्या होगी ।
वाराणसी। बनारस के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के गहन चिकित्सा कक्ष में पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. टीके लहरी के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप एक एसोसिएट प्रोफेसर पर लगाया गया है। बताया जा रहा है कि उसी ने डॉ. लहरी को थप्पड़ मारे।
डॉ. टीके लहरी को धरती का भगवान कहना अतिश्योक्ति नही होगी । वह 2003 में चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद भी मरीजों को निःशुल्क देखते रहे। बताया जाता है कि वह अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा भी जरूरतमंदों की मदद के लिए दान करते हैं।
चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2006 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। ऐसे चिकित्सक, जिन्होंने अपना जीवन मरीजों की सेवा में लगा दिया, उनके साथ कथित मारपीट होना बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला है।
इस घटना की निंदा करते हुए प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर ओम शंकर ने भी कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने फेसबुक पर जो लिखा है उस स्क्रीनशॉट में पढ़िए उनके आरोप क्या हैं।
सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि डॉ. टीके लहरी के साथ क्या हुआ। सवाल यह भी है कि जिस संस्थान में मरीजों को जीवन देने का काम होता है, वहां एक वरिष्ठ और सम्मानित चिकित्सक के सम्मान और गरिमा की रक्षा कौन करेगा।
