छह पंचायतों में बिजली की आंख-मिचौली से ग्रामीण बेहाल, एक सप्ताह में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी ।

छह पंचायतों में बिजली की आंख-मिचौली से ग्रामीण बेहाल, एक सप्ताह में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी ।
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा, डुमरा, हुदू, रापचा, बुरुडीह और मुड़ाटांड़ पंचायत क्षेत्र के ग्रामीण पिछले कई दिनों से अनियमित बिजली आपूर्ति से परेशान हैं। बिजली की स्थिति ऐसी है कि कब आएगी और कब चली जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। बार-बार बिजली गुल होने से ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।कांड्रा पंचायत के पूर्व मुखिया होनी सिंह मुंडा ने बताया कि पिछले करीब एक माह से क्षेत्र में 24 घंटे में महज तीन से चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, घरेलू कामकाज के साथ-साथ स्थानीय दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से जारी बिजली संकट के कारण ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।उन्होंने कहा कि बिजली समस्या के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को विभाग के जीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्र में नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी। इसके बावजूद यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर जन आंदोलन शुरू किया जाएगा और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।होनी सिंह मुंडा ने बिजली विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग छह पंचायतों के ग्रामीणों को आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर कर रहा है। समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसका खामियाजा विभाग को भुगतना पड़ेगा।
