लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखनऊ के 80 गांवों में जल संकट से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।*

*लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखनऊ के 80 गांवों में जल संकट से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।*
कोर्ट ने लखनऊ डीएम को मामले की गंभीरता समझने और ऐसी स्थिति पैदा न करने की चेतावनी दी, जिससे कड़ा आदेश पारित करना पड़े।
अगली सुनवाई में संबंधित उप जिलाधिकारियों को भी कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।
सरकार ने बताया कि प्रस्तावित पांच वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में से एक के लिए बख्शी का तालाब के नगवामऊ गांव में भूमि आवंटित कर दी गई है।
इस परियोजना के लिए ₹231.52 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने की मंजूरी मिल चुकी है। ₹200 करोड़ से अधिक की लागत होने के कारण अब परियोजना को कैबिनेट के सामने रखा जाना है।
सरकार ने एक महीने के भीतर प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखने का आश्वासन दिया है। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द निर्णय लिया जाएगा।
बाकी चार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए भूमि की पहचान की प्रक्रिया जारी है। कोर्ट ने पाया कि भूमि चिन्हित करने के निर्देश 16 सितंबर को दिए गए, जबकि उसका आदेश 19 अगस्त को ही जारी हो चुका था।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का उद्देश्य संबंधित गांवों के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।
