September 27, 2026

केशवपुरम MCD दफ्तर से महज 500–700 मीटर दूर खड़ी हो रहीं 6 मंजिला इमारतें!

केशवपुरम MCD दफ्तर से महज 500–700 मीटर दूर खड़ी हो रहीं 6 मंजिला इमारतें!

केशवपुरम MCD दफ्तर से महज 500–700 मीटर दूर खड़ी हो रहीं 6 मंजिला इमारतें!

 

A-B-C की अनुमति, D-E-F तक निर्माण का आरोप निगम की निगरानी पर उठे बड़े सवाल

प्राइम इंडिया न्यूज संवाददाता अजीत कुमार दिल्ली ।

नई दिल्ली। केशवपुरम जोन में एमसीडी कार्यालय से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर कथित रूप से धड़ल्ले से हो रहे बहुमंजिला निर्माण ने निगम के बिल्डिंग विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर से सामने आई शिकायतों के मुताबिक क्षेत्र के अलग-अलग ब्लॉकों में ऐसे निर्माण किए जा रहे हैं, जहां निर्धारित नियमों और स्वीकृत निर्माण सीमा से आगे जाकर कई मंजिलें खड़ी किए जाने के आरोप हैं।

 

बताया जा रहा है कि जिन फ्लैटों के निर्माण के लिए ए, बी और सी तक की अनुमति होने की बात कही जा रही है, वहां कथित तौर पर डी, ई और एफ स्तर तक निर्माण किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। कई जगह छह-छह मंजिला इमारतें तैयार होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्माण शुरू होने से लेकर कई मंजिलें खड़ी होने तक संबंधित विभाग के अधिकारियों की नजर इस कथित निर्माण पर क्यों नहीं पड़ी?

 

मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोप किसी एक इमारत तक सीमित नहीं हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार केशवपुरम के अलग-अलग ब्लॉकों में निर्माण के नियमों के उल्लंघन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यदि यह स्थिति सही है तो सवाल केवल अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि निगरानी, निरीक्षण और समय पर कार्रवाई का भी है।

 

बहुमंजिला निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप और भी गंभीर चिंता पैदा करता है। यदि किसी निर्माणाधीन या तैयार इमारत में भविष्य में कोई दुर्घटना होती है तो जवाबदेही किसकी तय होगी? क्या संबंधित विभाग निर्माण पूरा होने का इंतजार करेगा या निर्माण के दौरान ही नियमों की जांच कर कार्रवाई करेगा?

 

एमसीडी कार्यालय से कुछ ही दूरी पर इस तरह के कथित निर्माण की शिकायतें सामने आना निगम के बिल्डिंग विभाग के लिए सीधा सवाल है। क्या क्षेत्र में नियमित निरीक्षण हो रहा है? क्या निर्माणाधीन इमारतों के नक्शे और स्वीकृत मंजिलों की जांच की जा रही है? क्या जिन इमारतों के खिलाफ शिकायतें हैं, उनके रिकॉर्ड और साइट की वास्तविक स्थिति का मिलान कराया गया है?

 

अब स्थानीय लोगों की मांग है कि केशवपुरम जोन के सभी संदिग्ध बहुमंजिला निर्माणों का स्वतंत्र और निष्पक्ष निरीक्षण कराया जाए। स्वीकृत नक्शे, भवन की वास्तविक ऊंचाई और निर्माण अनुमति की जांच की जाए तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई हो।

 

सबसे बड़ा सवाल यही

जब एमसीडी का जोनल कार्यालय कथित निर्माण स्थलों से महज कुछ सौ मीटर दूर है, तो छह मंजिल तक निर्माण पहुंचने से पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

 

मामले में यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की मिलीभगत के आरोप हैं, तो उनकी भी स्वतंत्र जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना जरूरी है। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है और संबंधित एमसीडी अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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