सत्य निकेतन में मौत की इमारत! PG में रह रहे छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ के आरोप, भरभराकर गिरी पाँच मंजिला इमारत ।

सत्य निकेतन में मौत की इमारत! PG में रह रहे छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ के आरोप, भरभराकर गिरी पाँच मंजिला इमारत
अवैध निर्माण और क्षमता से ज्यादा लोगों को रखने के आरोपों ने खड़े किए बड़े सवाल
MCD की भूमिका भी जांच के घेरे में, आखिर हादसे से पहले क्यों नहीं जागा प्रशासन?
दक्षिण दिल्ली के मोती बाग इलाके के सत्य निकेतन में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक इमारत अचानक भरभराकर धराशायी हो गई। इमारत में PG के तौर पर बड़ी संख्या में छात्र रह रहे थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के बीच राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गया।
हादसे ने दिल्ली में अवैध निर्माण, PG में क्षमता से अधिक लोगों को रखने और भवन सुरक्षा नियमों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं कि इलाके में नियमों को ताक पर रखकर मकानों का निर्माण कर उन्हें PG में तब्दील किया गया था और इनमें बड़ी संख्या में छात्रों को ठूंसकर रखा जाता था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल है अगर निर्माण में नियमों की अनदेखी हुई थी तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई?
क्या भवन की कभी जांच हुई थी?
क्या PG संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों की जांच की गई?
क्या क्षमता से अधिक लोगों को रखने की शिकायतें प्रशासन तक पहुंची थीं ?
और अगर शिकायतें या नियमों का उल्लंघन मौजूद था, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई ?
हादसे के बाद MCD और संबंधित विभागों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही, मिलीभगत या नियमों की अनदेखी सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म होने के बाद इस हादसे की पूरी जांच और जिम्मेदारी तय करना भी उतना ही जरूरी होगा।
[9/6, 4:03 PM] 🚩RSS Rohtash Ji Reporter 🚩: दिल्ली के साउथ ज़ोन वार्ड वसंत विहार स्थित मोती बाग सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरने से कई लोगों और करीब 30 से 40 बच्चों के मलबे में दबे होने की खबर बेहद चिंताजनक है।
भाजपा सरकार और भाजपा शासित MCD ने दिल्ली को मौत का अखाड़ा बना दिया है। हर रोज़ कोई न कोई हादसा हो रहा है, लेकिन भाजपा शासित MCD की नींद नहीं खुल रही।
MCD ने खतरनाक इमारतों की सूची जारी कर सिर्फ़ खानापूर्ति की। अगर समय रहते इन इमारतों पर कार्रवाई की जाती, तो आज लोगों की जान खतरे में नहीं होती। आखिर इन हादसों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
भाजपा सरकार और भाजपा शासित MCD इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराए तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।
