रामदास सिंह सरस्वती विद्या मंदिर में सामूहिक गायन, राष्ट्रभाव और राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश.

150 साल का गौरव, एक स्वर में गुंजा ‘वंदे मातरम’.
रामदास सिंह सरस्वती विद्या मंदिर में सामूहिक गायन, राष्ट्रभाव और राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश.
चंदन दुबे / बेरमो / प्राइम इंडिया न्यूज
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार को मकोली स्थित रामदास सिंह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं उपस्थित अतिथियों ने एक स्वर में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन कर वातावरण को देशभक्ति के भाव से गुंजायमान कर दिया.
कार्यक्रम का आयोजन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, नई दिल्ली के मार्गदर्शन में किया गया. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज में राष्ट्रभाव, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति गौरव की भावना को और मजबूत करना रहा.
सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसर में अनुशासन और उत्साह का विशेष माहौल देखने को मिला. विद्यार्थियों ने पूरे जोश और सम्मान के साथ राष्ट्रगीत का गायन किया. कार्यक्रम में वक्ताओं ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका को भी रेखांकित किया.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फुसरो नगर परिषद की अध्यक्ष निर्मला देवी उपस्थित रहीं. इसके अलावा रामदास सिंह सरस्वती विद्या मंदिर, मकोली के सचिव छेदी नोनिया, वार्ड पार्षद अजय जायसवाल, फुसरो नप अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू दिगार, प्रधानाचार्य गणेश पाल सहित विद्यालय के आचार्य, दीदीजी, विद्यार्थी एवं अभिभावक मौजूद रहे.
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया. पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर वंदे मातरम् के जयघोष और देशभक्ति के नारों से गूंजता रहा.
