जे एस एल पी एस की महिलाओं का हंगामा, तीनों स्कूल में जड़ा ताला। बीपीएम पर अभद्र व्यवहार का आरोप, तत्काल तबादले की मांग,

जेएसएलपीएस की महिलाओं का हंगामा, तीनों संकुलों में जड़ा ताला।
बीपीएम पर अभद्र व्यवहार का आरोप, तत्काल तबादले की मांग, उ
पायुक्त के निर्देश पर बीडीओ ने गठित की तीन सदस्यीय जांच कमेटी,
हजारीबाग झारखण्ड । दारू प्रखंड मुख्यालय में झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन समिति (जेएसएलपीएस) से जुड़ी महिलाओं और प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम) राजकुमार के बीच विवाद गहराता जा रहा है। बीपीएम पर अभद्र व्यवहार और कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को महिलाओं ने दारू प्रखंड के तीनों संकुल कार्यालयों में ताला जड़ दिया। महिलाओं ने बीपीएम के तत्काल तबादले की मांग करते हुए प्रखंड मुख्यालय में नारेबाजी भी की।
महिलाओं का आरोप है कि बीपीएम ने उनके साथ अपमान जनित भाषा का इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि बीपीएम ने कथित तौर पर महिलाओं से ‘कटोरा लेकर भीख मांगो और गरम पानी से नहा लो’ जैसी टिप्पणी की। इसी को लेकर महिलाओं में आक्रोश है। महिलाओं ने पूर्व में भी बीपीएम के खिलाफ शिकायत किए जाने का दावा किया है।
*उपायुक्त के निर्देश पर जांच शुरू*
मामले को लेकर महिलाओं ने उपायुक्त और डीपीएम कार्यालय में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर उपायुक्त ने दारू बीडीओ हारून रशीद को जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। बीडीओ के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने गुरुवार को दोनों पक्षों को सुना। कमेटी में आशीष कुमार, रविंद्र कुमार और नूतन कुमारी शामिल हैं। पदाधिकारियों ने महिला सदस्यों और बीपीएम के बयान दर्ज किए।
जांच के दौरान तीनों संकुलों से बड़ी संख्या में महिलाएं प्रखंड मुख्यालय पहुंचीं और बीपीएम के तबादले की मांग दोहराई। महिलाओं ने कहा कि जब तक बीपीएम का तबादला नहीं किया जाता, तब तक संकुल कार्यालयों में ताला बंद रहेगा और मुख्यालय में रिपोर्ट जमा नहीं की जाएगी।
*जिला परिषद सदस्य ने दिया समर्थन*
जिला परिषद सदस्य गीता देवी भी महिलाओं के समर्थन में प्रखंड मुख्यालय पहुंचीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की ओर से पहले भी बीपीएम के खिलाफ शिकायत की गई थी और उन्हें चेतावनी दी गई थी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने महिलाओं के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि वह महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ उपायुक्त से मिलकर बीपीएम के तबादले की मांग करेंगी। मांग पूरी नहीं होने पर प्रखंड मुख्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी।
*बीपीएम ने आरोपों को बताया निराधार*
वहीं, बीपीएम राजकुमार ने महिलाओं के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि वह जेएसएलपीएस के नियमों के अनुसार कार्य कराने और अनियमितताओं को रोकने का प्रयास करते हैं। इसी वजह से कुछ सदस्य उनके खिलाफ विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल मामला जांच कमेटी के पास है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
