August 12, 2026

आरटीआइ में रोहाना खुर्द के बैरियर का जिक्र नहीं, फिर किसके आदेश पर वसूली

आरटीआइ में रोहाना खुर्द के बैरियर का जिक्र नहीं, फिर किसके आदेश पर वसूली

आरटीआइ में रोहाना खुर्द के बैरियर का जिक्र नहीं, फिर किसके आदेश पर वसूली ?

रामपुर तिराहा से गागलहेड़ी तक सिर्फ दो टोल का रिकॉर्ड, रोहाना खुर्द जाने वाले रास्ते पर लगे बैरियर का दस्तावेजों में उल्लेख नहीं; अवैध वसूली के आरोप

(सहारनपुर)( उत्तर प्रदेश)

देवबंद। संवाददाता।

घलौली टोल प्लाजा से रोहाना खुर्द गांव जाने वाले रास्ते पर लगाए गए बैरियर को लेकर आरटीआइ से मिली जानकारी के बाद गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत मांगी गई जानकारी में रामपुर तिराहा से गागलहेड़ी तक कंपनी की ओर से दो टोल प्लाजा का उल्लेख है, लेकिन रोहाना खुर्द जाने वाले रास्ते पर लगाए गए बैरियर का कोई स्पष्ट जिक्र नहीं है।

आरटीआइ की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने बैरियर को अवैध रूप से लगाए जाने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का सवाल है कि यदि इस रास्ते पर बैरियर लगाकर शुल्क वसूलने की अनुमति है तो संबंधित अधिसूचना, अनुबंध, स्वीकृति अथवा सक्षम प्राधिकारी का आदेश कहां है। यदि ऐसा कोई दस्तावेजी आधार नहीं है तो बैरियर लगाने और शुल्क वसूलने की प्रक्रिया जांच के दायरे में क्यों न लाई जाए।

स्थानीय लोगों के अनुसार रोहाना खुर्द जाने वाले रास्ते पर लंबे समय से बैरियर लगाकर वाहनों से शुल्क लिया जा रहा है। आरटीआइ में स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलने के बाद लोगों ने टोल कंपनी के अनुबंध, टोल स्वीकृति, रूट मैप, निर्धारित शुल्क तथा रोहाना खुर्द वाले बैरियर से वसूली के अधिकार से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।

करोड़ों की वसूली के दावे

स्थानीय सूत्रों का दावा है कि लंबे समय से इस रास्ते पर शुल्क वसूला जा रहा है और इससे करोड़ों रुपये एकत्र किए गए हैं। हालांकि, वसूली की वास्तविक राशि और उसकी वैधता की पुष्टि सरकारी जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि जांच में बैरियर या वसूली निर्धारित अनुमति के विपरीत पाई जाती है तो संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच भी जरूरी होगी।

किसान नेता ने उठाई कार्रवाई की मांग

त्यागी भूमिहार ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष एवं किसान नेता मांगेराम त्यागी ने कहा कि यदि जनता से बिना वैध अधिकार के शुल्क वसूला जा रहा है तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।

स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग से बैरियर की वैधता, उसे लगाने की अनुमति और अब तक हुई वसूली की जांच कराने की मांग की है।

अब सबसे बड़ा सवाल—आरटीआइ में रोहाना खुर्द के बैरियर का जिक्र नहीं, तो इसे लगाने की अनुमति किसने दी और जनता से वसूली किस अधिकार के तहत की जा रही है?

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बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे पूर्व सपा जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी, राहत सामग्री बांटकर जाना पीड़ितों का हाल सदर विधानसभा क्षेत्र के सिमौरा, कुबेरपुर घाट, अमलापुर व गुछलैया समेत कई गांवों का किया दौरा दीपचंद्र दीक्षित ब्यूरो फर्रुखाबाद। जनपद में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के चलते सदर विधानसभा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के सामने भोजन, पेयजल, पशुओं के चारे तथा रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें बनी हुई हैं। इसी बीच मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी ने सदर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ित परिवारों का हाल जाना। नदीम अहमद फारूकी ने सिमौरा, कुबेरपुर घाट, अमलापुर, गुछलैया सहित अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बाढ़ की स्थिति, जलभराव से उत्पन्न समस्याओं और ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंद बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण भी किया। बाढ़ प्रभावित लोगों ने पूर्व सपा जिलाध्यक्ष को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण आवागमन प्रभावित होने के साथ ही दैनिक जीवन भी मुश्किल हो गया है। कई परिवारों के सामने खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान की समस्या खड़ी हो रही है। ग्रामीणों ने राहत और प्रशासनिक सहायता को लेकर भी अपनी अपेक्षाएं रखीं। इस अवसर पर नदीम अहमद फारूकी ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के समय जरूरतमंद लोगों की मदद करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए और सक्षम लोगों को आगे आकर उनकी मदद करनी चाहिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित गांवों में स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाने की आवश्यकता है। राहत सामग्री वितरण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सावधानी बरतें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष के गांवों में पहुंचने और राहत सामग्री वितरित करने से स्थानीय ग्रामीणों ने उनका आभार जताया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता, स्थानीय ग्रामीण एवं क्षेत्र के अन्य लोग मौजूद रहे।

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