सत्ता के संरक्षण में सवर्ण और ब्राह्मण समाज के खिलाफ चल रहे इस नफ़रती खेल का सच अब सबको देखना होगा!

- सत्ता के संरक्षण में सवर्ण और ब्राह्मण समाज के खिलाफ चल रहे इस नफ़रती खेल का सच अब सबको देखना होगा!
सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि सवर्ण समाज के अनगिनत जागरूक लोग सोशल मीडिया पर लगातार Bihar Police को टैग कर रहे हैं। दर्जनों बार सबूतों के साथ शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक इस दंगाई रुद्र प्रताप कुशवाहा पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिर बिहार पुलिस इतनी लाचार क्यों है? क्यों कानून के हाथ इस नफ़रती व्यक्ति के आगे बंधे हुए हैं? 
इसका सीधा और कड़वा सच यह है कि ब्राह्मणों और सवर्णों के खिलाफ खुलेआम जहर उगलने वाला यह व्यक्ति सरकार के शीर्ष नेताओं की जाति से आता है। इसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का खुला जातीय संरक्षण प्राप्त है, और भाजपा जैसी पार्टी इस नफ़रत पर पर्दा डालने और इसका बचाव करने में जुटी है। जब सत्ता पर बैठे लोग अपनी जाति के अपराधियों और दंगाईयों को बचाने लगेंगे, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे?
“ब्राह्मणों को दान, मंदिर में अनुदान और सवर्णों को मतदान बंद करो” जैसी नफ़रती शपथें खुलेआम दिलाई जा रही हैं ताकि समाज को बांटा जा सके। सबसे ज्यादा तरस तो सवर्ण समाज के उन लोगों पर आता है जो आज भी राजनीतिक अंधभक्ति में डूबे हुए हैं और ऐसे नेताओं का समर्थन कर रहे हैं। जो लोग अपने अस्तित्व, सम्मान और समाज पर हो रहे इस सीधे हमले को देखकर भी चुप हैं, उन्हें आईना देखने की जरूरत है।
यह चुप्पी आत्मघाती है। सरकार और पुलिस सुन ले, सवर्ण समाज इस दोहरे मापदंड और जातिवादी राजनीति को बहुत अच्छे से समझ रहा है। समय आने पर इस अनदेखी और अपमान का जवाब राजनीतिक रूप से ही दिया जाएगा।
बिहार पुलिस तुरंत इस मामले में अपनी लाचारी छोड़े और बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करे!
