October 24, 2026

रेलवे के लंबे समय से खाली पड़े क्वार्टरों के लिए बनेगी नई नीति: एनएफआईआर की रेलवे बोर्ड से मांग ।

रेलवे के लंबे समय से खाली पड़े क्वार्टरों के लिए बनेगी नई नीति: एनएफआईआर की रेलवे बोर्ड से मांग ।

रेलवे के लंबे समय से खाली पड़े क्वार्टरों के लिए बनेगी नई नीति: एनएफआईआर की रेलवे बोर्ड से मांग ।

 

प्राइम इंडिया न्यूज संवाददाता राजेंद्र सिंह ।

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ को पत्र लिखकर लंबे समय से खाली पड़े चित्तरंजन में रेलवे क्वार्टरों के सही व नियमबद्ध उपयोग के लिए एक पारदर्शी और समयबद्ध नीति बनाने की मांग की है। संघ ने विशेष रूप से चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्कशॉप का उदाहरण दिया है, जहाँ कुल 9,300 क्वार्टरों में से लगभग 2,000 क्वार्टर वर्षों से खाली पड़े हैं, जबकि वहाँ करीब 7,500 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। रखरखाव के अभाव में ये बहुमूल्य संपत्तियां जर्जर हो रही हैं और अवैध कब्जे की आशंका बनी रहती है। एनएफआईआर के महासचिव डॉ. एम. राघवैया ने पत्र में प्रस्ताव रखा कि सबसे पहले कार्यरत रेल कर्मचारियों की आवास आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए। शेष बचे खाली क्वार्टरों को सेवानिवृत्त रेलकर्मियों, अधिकृत दुकानदारों, अप्रेंटिस/ट्रेनी और रेलवे ठेका श्रमिकों को अस्थायी लाइसेंस पर आवंटित किया जाए। प्रशासन और ट्रेड यूनियन का एक संयुक्त दल 12 महीने से अधिक समय से खाली क्वार्टरों की पहचान करे। संघ का मानना है कि इस नीति से रेलवे को राजस्व मिलेगा, कॉलोनियों की सुरक्षा बढ़ेगी और सरकारी संपत्ति का नुकसान रुकेगा।

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