भागीरथ पैलेस में ₹20,000 की कथित ATM धोखाधड़ी ! पीड़ित ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया, फिर रकम वापस क्यों नहीं मिली?

सवाल 20 हजार का नहीं आदमी का विश्वास भी होता हैं !
भागीरथ पैलेस में ₹20,000 की कथित ATM धोखाधड़ी ! पीड़ित ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया, फिर रकम वापस क्यों नहीं मिली?
मेहनत की कमाई पर कथित वार से उठा सवाल—आरोपी पुलिस के हवाले, रकम बरामद होने का भी दावा; अब पुलिस की कार्रवाई पर जवाब का इंतजार
नई दिल्ली | चांदनी चौक | भागीरथ पैलेस।
दिल्ली के चांदनी चौक स्थित भागीरथ पैलेस मार्केट में SBI के ATM से जुड़ी ₹20,000 की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ित ने कथित धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को खुद पकड़कर पुलिस के हवाले किया। पीड़ित की ओर से रकम बरामद होने की बात भी बताई गई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि रकम वास्तव में बरामद हुई थी, तो उसे पीड़ित को वापस लौटाने की प्रक्रिया क्या रही और अब तक इस संबंध में क्या कार्रवाई हुई?
दिन-रात मेहनत करके कमाया गया पैसा आम आदमी के लिए सिर्फ रकम नहीं, बल्कि उसके परिवार की जरूरतों और भविष्य की सुरक्षा का सहारा होता है। बैंक में जमा अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित समझने वाले व्यक्ति के साथ यदि ATM पर कथित धोखाधड़ी हो जाए, तो उसे पुलिस और बैंक से उचित सहायता मिलने की उम्मीद रहती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 को भागीरथ पैलेस स्थित SBI ATM से जुड़ी इस घटना में ₹20,000 की कथित धोखाधड़ी हुई। पीड़ित ने कथित आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। अब संबंधित पुलिस प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि शिकायत पर क्या कानूनी कार्रवाई की गई, रकम की बरामदगी की आधिकारिक स्थिति क्या है और पीड़ित को उसकी रकम वापस दिलाने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई।
पुलिस प्रशासन से सवाल: आरोपी सौंपा गया, फिर आगे क्या हुआ?
क्या पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जाँच शुरू की? क्या कथित आरोपी से पूछताछ की गई? क्या ₹20,000 की बरामदगी का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार किया गया? यदि रकम बरामद हुई थी, तो उसे पीड़ित को लौटाने के लिए कौन-सी कानूनी प्रक्रिया लंबित है? पीड़ित को मामले की प्रगति और रकम वापस पाने के संबंध में क्या जानकारी दी गई?
इन सवालों के जवाब सामने आना जरूरी है। यदि रकम तत्काल लौटाना संभव नहीं था, तो उसकी वजह और आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट की जानी चाहिए। किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जाँच के तथ्यों को सामने रखना भी आवश्यक है।
SBI प्रबंधन की जवाबदेही भी अहम
भागीरथ पैलेस दिल्ली का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहाँ रोजाना बड़ी संख्या में व्यापारी, कर्मचारी और ग्राहक आते हैं। ऐसे में ATM से जुड़ी कथित धोखाधड़ी के मामले में उपलब्ध CCTV फुटेज, बैंकिंग लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जाँच महत्वपूर्ण है। SBI प्रबंधन को भी शिकायत की स्थिति स्पष्ट करते हुए पीड़ित को बैंक की निर्धारित शिकायत प्रक्रिया के बारे में उचित मार्गदर्शन देना चाहिए।
सवाल ₹20,000 का ही नहीं, आम आदमी के भरोसे का भी है।
जब पीड़ित कथित आरोपी को खुद पकड़कर पुलिस के हवाले कर चुका है, तो अब संबंधित अधिकारियों को मामले की कार्रवाई और रकम की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि जाँच में धोखाधड़ी प्रमाणित होती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और रकम लौटाने के मामले में लागू कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित समाधान किया जाना चाहिए।
अब देखना यह है कि संबंधित थाना पुलिस और SBI प्रबंधन इस मामले में क्या जवाब देते हैं और पीड़ित को उसकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
