जिले में डेंगू के 11 मामले मिले, तुरकौलिया-चिरैया व रक्सौल में भी केस; मच्छरदानी के प्रयोग और आसपास सफाई की अपील

डेंगू से बचाव के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी : डीवीडीसीओ डॉ. निकेश सिंह ।
जिले में डेंगू के 11 मामले मिले, तुरकौलिया-चिरैया व रक्सौल में भी केस; मच्छरदानी के प्रयोग और आसपास सफाई की अपील ।
ओम प्रकास तिवारी
मोतिहारी, 25 अगस्त 2026।
बरसात के मौसम में डेंगू के मामलों में वृद्धि की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और डेंगू से बचाव के लिए जनजागरूकता बढ़ाने की अपील की है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. निकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में अब तक डेंगू के 11 मामले सामने आए हैं। इनमें तुरकौलिया में 2, चिरैया में 2, केसरिया में 1, अरेराज में 1, रक्सौल में 2, तेतरिया में 1, चकिया में 1 तथा हरसिद्धि में 1 मामला शामिल है।
उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक होना बेहद जरूरी है। डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इससे बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करने के साथ-साथ घर एवं आसपास समय-समय पर मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव करना चाहिए।
रुके हुए साफ पानी में पनपता है डेंगू का लार्वा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू का लार्वा मुख्य रूप से रुके हुए साफ पानी में पनपता है। मानसून शुरू होने के बाद ऐसे स्थानों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। घर के कूलर, गमले, टायर, बर्तन या अन्य ऐसे सामानों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।
डेंगू की गंभीर स्थिति में प्लेटलेट्स तेजी से कम हो सकते हैं, जिससे मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि समय पर जांच और उचित उपचार मिलने पर मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है।
बुखार होने पर बिना देरी डॉक्टर से करें संपर्क
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने कहा कि सभी प्रकार का बुखार डेंगू नहीं होता है। बुखार या डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर बिना समय गंवाए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जिन लोगों को पहले डेंगू हो चुका है, उन्हें दोबारा लक्षण आने पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि जिले की आशा कार्यकर्ताओं को डेंगू को लेकर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अस्पतालों में जांच किट उपलब्ध हैं तथा मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था भी है। प्रत्येक डेंगू मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि गंभीर मरीजों को ही चिकित्सकीय निगरानी में भर्ती किया जाता है।
डेंगू के प्रमुख लक्षण
– अचानक तेज बुखार आना
– तेज सिरदर्द होना
– आंखों के पीछे दर्द होना
– जोड़ों एवं मांसपेशियों में तेज दर्द
– अत्यधिक थकान, उल्टी या जी मिचलाना
– त्वचा पर रैशेज होना
– नाक या मसूड़ों से हल्का रक्तस्राव होना
डेंगू से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
– सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
– घर की खिड़कियां एवं दरवाजे ठीक से बंद रखें।
– कूलर में कई दिनों तक पानी जमा न रहने दें।
– गमलों, पुराने टायरों और अन्य सामानों में पानी जमा न होने दें।
– घर एवं आसपास साफ-सफाई रखें।
– समय-समय पर मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव करें।
– डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि डेंगू से बचाव में सावधानी और जागरूकता ही सबसे प्रभावी उपाय है। अपने घर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों को भी मच्छर पनपने से मुक्त रखें और किसी भी प्रकार के बुखार को नजरअंदाज न करें।
