15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा विशेष साइबर जागरूकता अभियान ।

15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा विशेष साइबर जागरूकता अभियान
आईजी रामगोपाल गर्ग ने पुलिस लाइन के चेतना हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया अभियान का पूरा रोडमैप
बिलासपुर। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाएगी। अभियान को लेकर आईजी रामगोपाल गर्ग ने पुलिस लाइन स्थित चेतना हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान का पूरा रोडमैप बताया। यह अभियान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के साथ बिलासपुर रेंज के सभी आठ जिलों में चलाया जाएगा।
आईजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराध के अलग-अलग तरीकों की जानकारी देना, ठगी से बचाव के उपाय बताना और साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल रिपोर्टिंग, आर्थिक सुरक्षा एवं आवश्यक कार्रवाई की जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध लगातार नए-नए तरीकों के साथ सामने आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई के साथ जन-जागरूकता साइबर अपराध की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है।
इसी दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने भी साइबर अपराध के अलग-अलग तरीकों और उनसे बचाव के उपायों को विस्तार से समझाया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क और जागरूक रहना जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक या फाइल को बिना जांचे डाउनलोड न करें। उन्होंने आम नागरिकों से साइबर जागरूकता अभियान से जुड़ने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संदेश दिया।
अभियान के दौरान डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, APK फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, OTP फ्रॉड, फर्जी कॉल, ऑनलाइन पेमेंट और अन्य साइबर ठगी के तरीकों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर ठगी किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। विद्यार्थी, युवा, व्यापारी, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, श्रमिक और ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी अलग-अलग तरह के साइबर अपराधों का शिकार हो रहे हैं। इसलिए अभियान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
सेल्फी पॉइंट और QR कोड से जुड़ेगा आम नागरिक
पुलिस लाइन के चेतना हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान साइबर जागरूकता अभियान के लिए विशेष सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया। आईजी रामगोपाल गर्ग ने लोगों से अपील की कि QR कोड स्कैन कर सेल्फी लें और सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को केवल पुलिस का अभियान न मानकर जन-अभियान बनाया जाना चाहिए।
पहले सप्ताह में विद्यार्थी और युवा होंगे केंद्र में
15 से 22 अगस्त तक अभियान के पहले सप्ताह में स्कूल-कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता और बुनियादी साइबर सुरक्षा को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों और युवाओं को सोशल मीडिया, ऑनलाइन ठगी, संदिग्ध लिंक, फर्जी वेबसाइट और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इसके बाद बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों के माध्यम से बैंकिंग फ्रॉड और ऑनलाइन वित्तीय ठगी से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं और ग्रामीणों के लिए भी अलग-अलग स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पुलिस का प्रयास रहेगा कि अभियान के माध्यम से लोगों को केवल साइबर अपराध के तरीकों की जानकारी ही न मिले, बल्कि ठगी की स्थिति में तत्काल क्या कदम उठाना है, इसकी भी जानकारी हो। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, APK फाइल या निवेश के लालच में आकर अपनी गोपनीय जानकारी अथवा रकम साझा न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें।
Prime India News
पिंकू यादव की रिपोर्ट
ब्यूरो चीफ, बिलासपुर संभाग, छत्तीसगढ़
