August 28, 2026

भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड हुआ है। बहुत शर्मनाक कांड हुआ है

भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड हुआ है। बहुत शर्मनाक कांड हुआ है

भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड हुआ है। बहुत शर्मनाक कांड हुआ है। ज़ी न्यूज़ के मालिक सुभाष चंद्रा ने बैंकों से 22 हज़ार करोड़ का लोन ले रखा था। आज सरकार ने उसे महज 6 करोड़ लेकर पूरा लोन माफ़ कर दिया। आपको ये पढ़कर दिमाग में चक्कर आ रहा होगा ना, कि नहीं, ऐसे कैसे हो सकता है? इतना बड़ा तो नहीं हो सकता। तो मैं फिर से कह रहा हूँ कि सुभाष चंद्रा का 22 हज़ार करोड़ का लोन सरकार ने मात्र 6 करोड़ में माफ़ कर दिया, 99 प्रतिशत लोन माफ़ करवा लिया। इसमें LIC समेत कई बैंकों ने कर्ज दिया था। हैरानी की बात है कि LIC और बैंक विरोध करते रहे, लेकिन केंद्र सरकार ने सुभाष चंद्रा का लोन माफ़ कर दिया। खैर, ऐसे थोड़े ही पूरा दिन ज़ी न्यूज़ अपने चैनल पर हिंदू-मुस्लिम और सरकार को डिफेंड करता है? उसका एक अमाउंट होता है। लेकिन अमाउंट इतना बड़ा और भयानक होगा, ये हमने भी नहीं सोचा था। सोचिए, ये किसका पैसा था। ये देश की जनता का पैसा था। आपका और हमारा पैसा था। और इन उद्योगपतियों का शातिर खेल देखिए की लोन लो दिवालिया दिखाओ और फिर माफ़ करवा लो। 22 हज़ार में ज़ीरो गिनते रहिए आप। 22 हज़ार करोड़ माफ़ करवा लिया। आम गरीब एक दवा के पत्ते के लिए भीख माँगता है, तिल-तिल कर मरता है, 5 किलो राशन पर पूरा देश जीता है। लोग परेशान हैं, उनके पास रोजगार नहीं है, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। युवा ऑफिसों के बाहर रोजगार के लिए वॉचमैन से धक्के खाता है। लेकिन केंद्र सरकार ने एक मिनट में 22 हज़ार करोड़ माफ़ कर दिया। आपको क्या लगता है कि चंद्रा का 22 हज़ार करोड़ ऐसे ही माफ़ हो गया? बदले में चंद्रा ने भाजपा को पार्टी फंड में मोटा माल दिया होगा। ऐसे थोड़े ही भाजपा के बैंक अकाउंट में 15 हज़ार करोड़ जमा हैं और देश के हर जिले में 5 स्टार महल हैं पार्टी ऑफिस के रूप में। ये अंग्रेजों से भी बड़ी लूट है। कोई इस तरह से देश कैसे लूट सकता है? आप घर या बैंक की एक किस्त नहीं भरेंगे तो बैंक आपको बेइज्जत करता है, पुलिस लेकर आता है। लेकिन इन लुटेरों का खेल देखिए। लोगों को धार्मिक और देशभक्ति के नारों में उलझाकर ऐसे बहुत से घपले-घोटाले पिछले 12 सालों में हुए हैं ।

 

ज़ी न्यूज़ के मालिक सुभाष चंद्रा द्वारा 22 हज़ार करोड़ का किया गया खेल कितना बड़ा है, उसे फिजिकल तरीके़ से बताने की कोशिश कर रहा हूँ, ताकि आप इसकी भयावहता को समझ सकें। 22 हज़ार करोड़ रुपये के ₹500-₹500 के 44 करोड़ नोट इकट्ठा करेंगे तब वो 22 हज़ार करोड़ रुपये होगा। इन नोटों का वजन करीब 550 टन होगा। इन्हें ट्रकों में भरोगे तो करीब 28 ट्रक लगेंगे सारे नोट भरने में। आप समझ रहे हैं कि 28 ट्रक कितना रुपया होता है? और इतना पैसा आज सुभाष चंद्रा ने माफ़ करवा लिया। आप एक किश्त न भरो तो बैंक मार-काट करने लगती है, लेकिन इन्होंने 28 ट्रक नोट माफ़ करवा लिए।

ये भारत के के इतिहास की सबसे बड़ी लूट है। अंग्रेजों ने भी ऐसी लूट नहीं की थी। जागो! सवाल करो! सवाल पूछो! और अपने बच्चों और घर के सदस्यों को इस भयावह लूट के बारे में बताओ। इस देश में भ्रष्टाचार इतने चरम पर है कि सौ-दो सौ या हज़ार करोड़ का घोटाला कुछ लगता ही नहीं, भले ही खुद की जेब में फूटी कौड़ी न हो और खुद 5 किलो राशन पर जी रहे हो। अब भी नहीं जागे और लोगों में बात नहीं की, उन्हें नहीं समझाया, नहीं जगाया, तो बर्बाद हो जाएँगे लोग। आपको 5 किलो राशन पर ठग रहा है और आपका पैसा उद्योगपतियों को देकर उद्योगपति विदेश में ले जा रहा है। ऐसे थोड़े न स्विस बैंक में भारतीयों का काला धन दोगुना हो गया। सब महामानव की कृपा है।

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