September 2, 2026

अखिलेश यादव द्वारा चव्वनी को रुपया बनाने के बयान पर इतना हो- हल्ला क्यों है भाई…?

अखिलेश यादव द्वारा चव्वनी को रुपया बनाने के बयान पर इतना हो- हल्ला क्यों है भाई…?

अखिलेश यादव द्वारा चव्वनी को रुपया बनाने के बयान पर इतना हो- हल्ला क्यों है भाई…?

केंद्र राज्य मंत्री और रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी अलग अलग मुद्दों पर दिए जा रहे अपने बयानों के लिए इन दिनों खासे चर्चा में हैं, हाल ही में जयंत चौधरी द्वारा चीनी की बढ़ी हुई कीमतों पर एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल पर दिए गए जवाब जिसमे उन्होंने कहा कि आप कितनी चीनी खाते हो एक महीने में के लिए चर्चा में हैं,साथ ही वे चर्चा में हैं अपने इस बयान के लिए जिसमे उन्होंने कहा कि मैं जाट नेता…जाट नेता सुन सुनकर थक चूका हूँ, मुझे फ़्रस्टेशन होती है इस नाम से।

मीडिया मुझसे पूछना बंद कर दे कि जाट इस इलेक्शन में क्या करेंगे। जाट शब्द की वजह से में इलेक्शन में नुकसान उठा चुका हूँ,जयंत चौधरी के ये बयान इन दिनों चर्चाओं में हैं, लेकिन सबसे अधिक हो-हल्ला सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव द्वारा चव्वनी को रुपया बनाने के बयान पर हैं। सपा सुप्रीमों के इस बयान पर जयंत चौधरी के अनुयाइयों में खासा उबाल है लेकिन यहाँ जिक्र के काबिल दर्जन भर मुद्दे हैं जिन पर जयंत चौधरी को ना सिर्फ बयान देना चाहिए था,बल्कि इन ज्वलंत मुद्दों के साथ खड़े होकर सरकार की मुखलफ़्त करनी चाहिए थी। लेकिन शायद सत्ता की मलाई ने जयंत चौधरी के होंठों पर ताला लगा दिया है?

जयंत चौधरी से सवाल कई सारे हैं जिनमे अहम सवाल यह है कि आखिर चवन्नी का बयान किसने दिया था। सवाल यह है कि उन्होंने सत्ता के साथ रहते हुए किसानों के हित में क्या किया? क्या वे किसानों की फसल के लिए वाजिब एमएसपी दिला पाए? आखिर क्यों उन्होंने 700 किसानों की मौत की जिम्मेदार सरकार से गठबंधन कर लिया! क्या जयंत चौधरी बता सकते हैं कि वे गन्ने के दामों में कितना इजाफा करा पाए? इतना ही नहीं उन्होंने किसानों की आय दोगुनी कराने में क्या भूमिका निभाई! भाजपा सरकार जो

डीएपी और खाद्य के बढे हुए दाम के माध्यम से किसानों की गिरह में कट लगाए दे रही हैं उसके ख़िलाफ़ चौधरी साहब ने क्या विरोध दर्ज कराया सरकार के ख़िलाफ़! जयंत चौधरी किसानों के मसले पर तो चुप्पी साधे हुए ही हैं,अब Gen z के आंदोलन पर भी तोता चश्म बने हुए हैं जयंत चौधरी! सरकार ने हाल ही में चीनी के दामों में इजाफा करते हुए 45 से 70 रुपए कर दिए हैं इतना ही नहीं सरकार द्वारा 10 लाख टन चीनी आयत करने की योजना बना रही है और ये भारत के इतिहास में पहली बार दर्ज किया जाएगा चूंकि हम चीनी निर्यातक देश के तौर पर पहचाने जाते रहे हैं लेकिन जयंत चौधरी इस मुद्दे पर भी चुप्पी साधे हैं और जब उनसे सवाल किया जाता है तो वे सवाल के जवाब में वापिस सवाल करते हुए अप्रत्याशित रूप से पूछ रहे हैं कि आप एक महीने में कितनी चीनी खाते हैं।

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