October 29, 2026

सीयूएसबी में विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने के लिए किया प्रोत्साहित :: कुलपति

सीयूएसबी में विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने के लिए किया प्रोत्साहित :: कुलपति

सीयूएसबी में विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने के लिए किया प्रोत्साहित :: कुलपति

 

आइडिया इनोवेशन हैकाथॉन 1.0 में सामाजिक जरूरतों के अनुरूप उत्पाद विकसित करने पर जोर

 

प्राइम इंडिया न्यूज़ | सुरेन्द्र सिंह

 

 

गया जी:: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) गया जी में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की इनोवेशन कमिटी की ओर से रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) सेल के सहयोग से आइडिया इनोवेशन हैकाथॉन 1.0 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों की सराहना करते हुए उन्हें अपने विचारों को व्यावहारिक समाधान, उपयोगी उत्पाद और संभावित उद्यमों में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया।

विद्यार्थियों की व्यक्तिगत एवं सामूहिक प्रस्तुतियों के दौरान कुलपति ने उनसे संवाद किया और उनके विचारों को वास्तविक स्वरूप देने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि ज्ञान का वास्तविक महत्व उसके व्यावहारिक अनुप्रयोग में निहित है। विद्यार्थियों को केवल विचार प्रस्तुत करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि छोटे स्तर पर कार्यशील मॉडल और प्रारूप विकसित कर उनकी उपयोगिता एवं व्यवहार्यता की जांच करनी चाहिए। वेबसाइट आधारित विचारों पर काम कर रहे विद्यार्थियों को भी अपने प्रारूप तैयार कर उनका परीक्षण करने की सलाह दी गई।

प्रो. सिंह ने कहा कि किसी भी नवाचार की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह समाज की आवश्यकताओं को कितनी प्रभावी ढंग से पूरा करता है और कितने लोगों तक उसका लाभ पहुंचता है। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार की तलाश करने वाले के बजाय रोजगार सृजित करने वाले बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नवाचारों को ऐसे उपयोगी उत्पादों और समाधानों में बदलने की जरूरत है, जो आम लोगों की समस्याओं का समाधान कर सकें और समाज के लिए लाभकारी साबित हों।

कुलपति ने नवाचार के विकास में आर्थिक सामर्थ्य के अनुरूप किफायती होने, पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक औचित्य को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे उत्पाद एवं समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया, जो आम जनता के लिए सुलभ और किफायती हों, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार हों तथा समाज की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हों। उन्होंने यह भी कहा कि किसी नवाचार को व्यापक स्तर पर स्वीकार्य और उपयोगी बनाने के लिए उसका व्यावहारिक क्रियान्वयन आवश्यक है।

कार्यक्रम का आयोजन आईआईसी के अध्यक्ष प्रो. वेंकटेश सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इसके सफल संचालन में नवाचार समिति के संकाय समन्वयक डॉ. विजय महोरे, लोक नीति एवं जनमत प्रकोष्ठ के संकाय समन्वयक प्रो. प्रवीण कुमार, इंटर्नशिप समिति के संकाय समन्वयक डॉ. किशोर डी.एस. सहित डॉ. पीयूष कुमार सिंह, डॉ. देवव्रत प्रसाद और डॉ. प्रज्ञा गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सिर आलम ने बताया कि कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत किए। हैकाथॉन के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच, नवाचार और विचारों को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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