सरला बिरला पब्लिक स्कूल, राँची में दीपावली महोत्सव की धूम : संस्कृति, सृजनात्मकता, परंपरा और सेवा-भावना का भव्य संगम ।

सरला बिरला पब्लिक स्कूल, राँची में दीपावली महोत्सव की धूम : संस्कृति, सृजनात्मकता, परंपरा और सेवा-भावना का भव्य संगम ।
प्राइम इंडिया न्यूज़ संवाददाता प्रमोद कुमार ।
राँची/नामकुम : सरला बिरला पब्लिक स्कूल, राँची में दीपावली के पावन पर्व को अत्यंत हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक सप्ताह तक विविध रचनात्मक, ज्ञानवर्धक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया ।
जिनके माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत, पारंपरिक कलाओं और सामाजिक मूल्यों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराने के साथ-साथ उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को निखारना, पारंपरिक त्योहारों के महत्व से अवगत कराना तथा उनमें सहयोग, करुणा, उदारता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था।उत्सव का उल्लास विभिन्न रंगारंग एवं नवाचारी कलात्मक गतिविधियों के माध्यम से साकार हुआ।विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भूमि पर रंगोली निर्माण गतिविधि में भाग लिया। परंपरा और आधुनिक तकनीक के अनूठे समन्वय को दर्शाते हुए उन्होंने टेक रंगोली के माध्यम से कला का अभिनव स्वरूप प्रस्तुत किया।उनकी कलाकृतियों में यह सुंदर संदेश अभिव्यक्त हुआ कि तकनीकी प्रगति और रचनात्मक चिंतन किस प्रकार पारंपरिक कला विधाओं को नवीन आयाम प्रदान कर सकते हैं।
उत्सव के अंतर्गत टेराकोटा पेंटिंग, पॉट पेंटिंग, लालटेन निर्माण, लिप्पन कला तथा दीप निर्माण जैसी अनेक रोचक एवं हस्तकला-आधारित गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं।विद्यार्थियों ने रंगों, बनावटों, आकृतियों और सजावटी तत्वों के साथ अपनी कल्पनाशीलता का परिचय देते हुए आकर्षक हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ तैयार कीं। इन गतिविधियों ने उन्हें पारंपरिक शिल्पकलाओं के महत्व से परिचित कराने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल उत्सव मनाने के लिए भी प्रेरित किया। पुष्प सज्जा गतिविधि में विद्यार्थियों ने फूलों की प्राकृतिक सुंदरता को अपनी कलात्मक अभिरुचि के साथ जोड़ते हुए मनमोहक सजावट प्रस्तुत की। रंगों, बनावटों और विभिन्न पुष्पों के सुंदर संयोजन से तैयार की गई उनकी आकर्षक प्रस्तुतियों में सौंदर्यबोध, रचनात्मकता तथा प्रकृति के प्रति प्रेम की झलक दिखाई दी।उत्सव की रौनक पाक-कला के क्षेत्र में भी देखने को मिली। फायरलेस कुकिंग गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थियों ने बिना आग का उपयोग किए स्वादिष्ट एवं आकर्षक व्यंजन तैयार किए। इस गतिविधि ने उनमें रचनात्मकता, सामूहिक कार्य, स्वच्छता के प्रति जागरूकता तथा पौष्टिक भोजन के चयन की समझ विकसित की। साथ ही, विद्यार्थियों ने मिल-बाँटकर भोजन तैयार करने और उसका आनंद लेने के महत्व को भी समझा। विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों अर्थात् पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों ने मानव आकृतियों के माध्यम से एक मनमोहक प्रस्तुति देकर समारोह में विशेष आकर्षण जोड़ दिया।अत्यंत उत्साह और आपसी समन्वय के साथ बच्चों ने स्वयं को दीपक की सुंदर आकृति में व्यवस्थित किया।आशा, समृद्धि और शुभारंभ के प्रतीक इन मनमोहक आकृतियों ने दीपावली के उल्लास को सजीव कर दिया। इस प्रस्तुति के माध्यम से एकता, सहयोग और सामूहिकता का सुंदर संदेश भी अभिव्यक्त हुआ। विद्यार्थियों को दीपावली एवं छठ पर्व के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व से परिचित कराने के उद्देश्य से विशेष जानकारीपरक वीडियो प्रदर्शित किए गए। इनमें दोनों पर्वों से जुड़ी परंपराओं, रीति-रिवाजों, पौराणिक कथाओं तथा जीवन-मूल्यों को रोचक एवं ज्ञानवर्धक ढंग से प्रस्तुत किया गया।विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष दीपावली समारोह ने उत्सव के उल्लास को और भी जीवंत बना दिया। इस अवसर पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों, मधुर गीतों तथा रोचक नाट्य प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से दीपावली से जुड़ी कथाओं, परंपराओं और जीवन-मूल्यों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई तथा अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रेरणादायी संदेश दिया। दीपावली के वास्तविक भाव को आत्मसात करते हुए सरला बिरला पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर से बाहर भी खुशियों का प्रकाश फैलाने की सराहनीय पहल की। उन्होंने राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, आरा एवं महिलॉंग, राँची के विद्यार्थियों के साथ दीपावली की खुशियाँ साझा कीं। इस अवसर पर बच्चों को पुस्तकें, कॉपियाँ, पेंसिल बॉक्स तथा अन्य आवश्यक लेखन-सामग्री वितरित की गई। इस पहल ने इस विचार को सार्थक रूप प्रदान किया कि त्योहारों की वास्तविक खुशी केवल उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में प्रसन्नता बाँटने, उनकी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में निहित है। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को सहानुभूति, कृतज्ञता, उदारता तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे जीवनोपयोगी मूल्यों को व्यवहार में उतारने का अवसर मिला। उत्सव के वातावरण को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए विद्यार्थियों ने दीपावली की विषयवस्तु पर आधारित विद्यालय के डिस्प्ले बोर्डों को भी रचनात्मक ढंग से सजाया। रंग-बिरंगे चित्रों, पारंपरिक प्रतीकों, ज्ञानवर्धक संदेशों तथा कलात्मक प्रस्तुतियों से सुसज्जित इन बोर्डों में भारतीय संस्कृति की समृद्धि और त्योहारों के आध्यात्मिक महत्व की सुंदर झलक दिखाई दी। ये सुसज्जित बोर्ड भारतीय परंपराओं की विविधता और उनसे जुड़े जीवन-मूल्यों के प्रेरणादायी प्रतीक बने।प्राचार्या मनीषा शर्मा ने विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता तथा इस आयोजन को सार्थक एवं यादगार बनाने में शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल हर्षोल्लास और मनोरंजन के अवसर नहीं होते, बल्कि ये हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने, मानवीय संबंधों को सुदृढ़ करने तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति सजगता, संवेदनशीलता और करुणा के साथ त्योहार मनाने तथा अपनी सांस्कृतिक पहचान को परिभाषित करने वाली परंपराओं एवं जीवन-मूल्यों को संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया। इन विविध गतिविधियों के माध्यम से सरला बिरला पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर समग्र शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया। इस आयोजन में सांस्कृतिक जागरूकता, सृजनात्मकता, अनुभवात्मक अधिगम, सामाजिक संवेदनशीलता तथा मूल्यपरक शिक्षा का सुंदर समन्वय देखने को मिला। सरला बिरला पब्लिक स्कूल में त्योहार केवल मनाए नहीं जाते, बल्कि उन्हें अनुभव किया जाता है, समझा जाता है और जीवन के अनमोल पाठ के रूप में आत्मसात किया जाता है।
