बिजनौर में डॉल्फिन डे पर जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों ने बनाई पेंटिंग, इंदिरा पार्क में लगाई लोहे की डॉल्फिन।

बिजनौर में डॉल्फिन डे पर जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों ने बनाई पेंटिंग, इंदिरा पार्क में लगाई लोहे की डॉल्फिन ।
संवाददाता रोहित कुमार/बिजनौर
डॉल्फिन संरक्षण और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को इंदिरा पार्क में वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से डॉल्फिन डे मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, शिक्षक, वन विभाग के कर्मचारी और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान बच्चों को डॉल्फिन के महत्व और उसके संरक्षण की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान इंदिरा पार्क में कला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें स्कूली बच्चों ने डॉल्फिन और जलीय जीवों से संबंधित पेंटिंग बनाकर अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में पर्यावरण और जलीय जीवों के संरक्षण के प्रति रुचि पैदा की जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान इंदिरा पार्क में लोहे से बनी डॉल्फिन की प्रतिकृति भी स्थापित की गई। इसका उद्घाटन वन विभाग के अधिकारियों ने किया। पार्क में स्थापित की गई यह प्रतिकृति लोगों को डॉल्फिन के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का माध्यम बनेगी।
क्षेत्रीय वन अधिकारी महेश गौतम ने बताया कि 5 अक्टूबर को डॉल्फिन डे मनाया जाता है। भारत में मुख्य रूप से सिंधु नदी और गंगा नदी में डॉल्फिन पाई जाती है। गंगा नदी में मिलने वाली डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि डॉल्फिन डे के अवसर पर बिजनौर में स्कूली बच्चों को कार्यक्रम से जोड़ा गया। बच्चों के लिए कला प्रतियोगिता आयोजित कर उन्हें डॉल्फिन के बारे में जानकारी दी गई। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। वन विभाग का उद्देश्य लोगों, खासकर बच्चों को डॉल्फिन के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
