August 25, 2026

आदित्यपुर में फर्जी वार्ड पार्षद बनकर सरकारी काम कराने का आरोप, असली पार्षद को धमकी ।

आदित्यपुर में फर्जी वार्ड पार्षद बनकर सरकारी काम कराने का आरोप, असली पार्षद को धमकी ।

आदित्यपुर में फर्जी वार्ड पार्षद बनकर सरकारी काम कराने का आरोप, असली पार्षद को धमकी ।

वन विभाग की जमीन पर बिना अनुमति हाईमास्ट लाइट लगाने का मामला ।

सरायकेला :आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में फर्जी वार्ड पार्षद बनकर सरकारी कार्य कराने और विरोध करने पर निर्वाचित पार्षद को धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। वार्ड नंबर-1 के निर्वाचित पार्षद वन माली दास ने एक व्यक्ति पर खुद को वार्ड पार्षद बताकर सरकारी काम कराने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर उन्होंने जिला उपायुक्त नितिश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी से शिकायत कर सुरक्षा एवं कार्रवाई की मांग की है।पार्षद के अनुसार, मामला 21 अगस्त का है। बोनड़ीह क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर कथित तौर पर बिना विभागीय अनुमति और स्थानीय वार्ड पार्षद को सूचना दिए हाईमास्ट लाइट लगाने का काम कराया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर वन विभाग के गार्ड मौके पर पहुंचे और काम रुकवा दिया।बताया गया कि मौके पर काम कर रहे कर्मियों से पूछताछ के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें वार्ड पार्षद के निर्देश पर काम करने को कहा गया था। सूचना मिलने पर निर्वाचित पार्षद वन माली दास मौके पर पहुंचे और कर्मियों से काम का आदेश एवं वर्क ऑर्डर मांगा। इस दौरान कर्मियों ने मोबाइल फोन पर एक व्यक्ति की तस्वीर दिखाते हुए बताया कि इसी व्यक्ति ने खुद को वार्ड नंबर-1 का पार्षद बताकर काम करने का निर्देश दिया था।पार्षद के अनुसार, तस्वीर में दिखाए गए व्यक्ति की पहचान गणेश सरदार, पिता लाल सरदार के रूप में हुई। आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में गणेश सरदार से पूछताछ की और फर्जी पहचान के जरिए सरकारी कार्य कराने का विरोध किया, तो कुछ देर बाद करीब 20 से 30 लोगों की भीड़ उनके आवास पर पहुंच गई।वन माली दास का आरोप है कि भीड़ ने उनके घर के बाहर हंगामा और गाली-गलौज करते हुए उन्हें तथा उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद से उनका परिवार भयभीत है।पार्षद ने कहा कि वह जनता द्वारा निर्वाचित वार्ड पार्षद हैं और उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा सरकारी कार्य कराया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर ग्रामीणों को भड़काकर उनके घर पर भीड़ भेजी गई और उन्हें एवं उनके परिवार को धमकाया गया।वन माली दास ने पूरे मामले में आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इससे पहले भी गणेश सरदार ने मेयर के साथ मिलकर वार्ड में तालाब का कार्य कराया था, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई।पार्षद ने आरोप लगाया कि मेयर संजय सरदार और गणेश सरदार मिलकर उनकी छवि खराब करने तथा ग्रामीणों को उनके खिलाफ भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।घटना के बाद शनिवार को वन माली दास सरायकेला-खरसावां उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और लिखित आवेदन देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।उन्होंने पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात कर अपने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की।पार्षद ने प्रशासन से फर्जी वार्ड पार्षद बनकर सरकारी कार्य कराने के आरोप की जांच कर दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा उन्हें एवं उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.