मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े तनाव के किनारे खड़ा है जो कभी भी एक बडे़ युद्ध में बदल सकता है। यमन में ईरान समर्थक हूती और सऊदी समर्थित ।

मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े तनाव के किनारे खड़ा है जो कभी भी एक बडे़ युद्ध में बदल सकता है। यमन में ईरान समर्थक हूती और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच भीषण लड़ाई छिड़ी है। इस बीच ऐसी रिपोर्ट आई है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर नए सिरे से हमले की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिकी न्यूज वेबसाइट ड्रॉपसाइट की एक ताजा रिपोर्ट में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के हवाले से इस बारे में खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हो सकता है कि अगले सप्ताह होने वाले इजरायली चनावों से पहले ही सैन्य अभियान शुरू हो जाए।
इजरायल में 27 अक्टूबर को चुनाव होने हैं। नेतन्याहू के लिए यह चुनाव बहुत मुश्किल है और वे राजनीतिक अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। वहीं, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। नवम्बर में मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए इसे बहुत कठिन माना जा रहा है। ईरान के सीनियर अधिकारी ने ड्रॉप साइट को बताया कि तेहरान के मौजूदा खुफिया आकलन के अनुसार, मंगलवार 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर बमबारी हो सकती है। ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए 7 पॉइंट का प्रस्ताव पेश किया था लेकिन ट्रंप ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद बातचीत ठप हो गई है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी अपनी रिपोर्ट में ऐसे ही संकेत दिए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने सैन्य अभ्यास तेज कर दिया है। इसमें इराक के ऊपर विमान उड़ाकर हमले का अभ्यास भी किया गया। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस सप्ताह इजरायल की अघोषित यात्रा की और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात की। इस मुलाकात में संभावित नए हमलों पर चर्चा हुई है।
