October 16, 2026

तपस्या पूर्ण होने पर आयोजित हुआ भव्य सत्संग, आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी ने दिये दर्शन ।

तपस्या पूर्ण होने पर आयोजित हुआ भव्य सत्संग, आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी ने दिये दर्शन ।

तपस्या पूर्ण होने पर आयोजित हुआ भव्य सत्संग, आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी ने दिये दर्शन ।

अजीत कुमार प्राइम इंडिया न्यूज़ संवाददाता ।

छुटमलपुर. अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगु ।रु रविदास मिशन गुरु गद्दी उन शुक्रताल के तत्वाधान में युवा महात्मा ओमबीर दास जी की 41 दिवसीय खड़ी तपस्या पूर्ण होने पर श्रीगुरु रविदास गुरुद्वारा रेडी में सत्संग का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मिशन की प्राचीन गुरु गद्दी उन के महंत आचार्य संत कंवरपाल ब्रह्मचारी जी महाराज ने फरमाया कि महात्मा बनने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है जिसमें शरीर को साधा जाता है क्योंकि बिन्द और नाद सृष्टि निर्माण के दो रूप है जिसमें बिन्द से परिवार तो नाद से संगत बनाई जाती है और जिस जगह पर संतों के चरण पड़ते है वह जगह रौनकदार हो जाती है इसलिए शिष्य गुरु का प्यारा होता है और सतगुरु सबसे न्यारा होता है जिनके बिना कुछ भी संभव नहीं है इसलिए जीवन में समय का सदुपयोग करना चाहिए। सतगुरु रविदास आश्रम हथनीकुंड से पधारे संत श्रद्धादास ने कहा कि तपस्या कभी निष्फल नहीं जाती है सांस के बिना सब सुन्न है सतगुरु रविदास जी स्वामी समनदास जी ने बहुजनों का उत्थान कर बाबासाहब के मिशन को भी पहचान दी है। उन्होंने कहा कि देहरुपी सम्मान करना चाहिए और अपनी सत्ता स्थापित करने की बात कही। 41 दिवसीय खड़ी तपस्या पूर्ण होने पर कार्यक्रम आयोजक सेवक ओमबीर दास को महात्मारूपी उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर सेवक ओमबीर दास ने कहा कि गुरु नाम को रटते रटते जीवन धन्य होता है गुरुजी के आशीर्वाद से सवा महीने का पता भी नहीं चला है और गुरुजी की दया से जो जिम्मेदारी उन्हें मिली है उसे वह समाजहित में पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। उन्होंने सभी के कल्याण हेतु गुरु चरणों में अरदास की। कार्यक्रम में पत्रकार एसडी गौतम ने सभी से आगामी 27 अक्टूबर 2026 को गुरु गद्दी उन में आयोजित सत्संग को सफल बनाने की अपील की। संचालन धर्मवीरदास व जसबीर दास ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान महात्मा महेन्द्र दास, महात्मा इन्द्रपाल दास, महात्मा राजपाल दास, महात्मा राजकुमार दास, रामपाल दास, सुभाष दास, पुष्पेंद्र दास, नितरामदास, सनवीर दास, रोहताश, कुलविंद्र, अनूप दास, कपिल क्रांतिकारी, शिवेंद्र धारिया, भागमल प्रधान, रजत दास, अनिल कुमार, दिनेश कुमार, सुजीत कुमार, श्रीराम, नेकीदास व पप्पू दास समेत हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।

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