October 25, 2026

“भाजपा वोटर लिस्ट में कर रही हेराफेरी”- सीएम सिद्धारमैया का बड़ा आरोप

“भाजपा वोटर लिस्ट में कर रही हेराफेरी”- सीएम सिद्धारमैया का बड़ा आरोप

महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक के बाद अब बिहार में भी चुनावी साजिश की आशंका जताई

नई दिल्ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक बार फिर भारतीय लोकतंत्र की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनावी गड़बड़ियों और वोटर लिस्ट में हेराफेरी के आरोप लगाए गए थे। सिद्धारमैया ने कहा कि यह सिर्फ आरोप नहीं बल्कि एक गंभीर सच्चाई है, जिससे लोकतंत्र की जड़ें हिल रही हैं।

भाजपा पर चुनावी धांधली का आरोप
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक साक्षात्कार में दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में वोटर लिस्ट में संगठित तरीके से हेरफेर की जा रही है। असली मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और फर्जी नाम शामिल किए जा रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक में ऐसी घटनाएं होने की बात कही और आरोप लगाया कि अब बिहार में भी ऐसी ही साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने इसे एक सुनियोजित राष्ट्रव्यापी योजना करार दिया।

चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
सिद्धारमैया ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाए। उन्होंने कहा कि अब यह संस्था स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर रही है और केंद्र सरकार के दबाव में फैसले ले रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और मांग की कि चुनाव आयोग को अपनी निष्पक्षता और स्वायत्तता बहाल करनी चाहिए।

कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि कांग्रेस जल्द ही एक देशव्यापी अभियान शुरू करेगी, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को उजागर करना और सुधार की मांग करना होगा। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और इसे बचाने के लिए हर नागरिक को जागरूक होना पड़ेगा।

जातिगत जनगणना की जरूरत दोहराई
सिद्धारमैया ने एक बार फिर जातिगत जनगणना की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल जाति नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक असमानताओं की सच्चाई उजागर करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस जनगणना से यह स्पष्ट होगा कि आजादी के बाद किन वर्गों को फायदा मिला और किन्हें अभी भी बराबरी का अवसर नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ओबीसी सलाहकार समिति के संयोजक नहीं, बल्कि सदस्य हैं।

विवादों और स्टेडियम हादसे पर दी सफाई
मायसूर अर्बन डेवेलपमेंट अथॉरिटी से जुड़े कथित भूमि आवंटन घोटाले को लेकर सिद्धारमैया ने सफाई दी कि यह मामला पूरी तरह झूठा और राजनीतिक प्रतिशोध की उपज है। उन्होंने कहा कि न तो उनके परिवार ने कोई अनुचित लाभ लिया और न ही यह मामला पीएमएलए के अंतर्गत आता है, इसके बावजूद उन्हें निशाना बनाया गया।
वहीं, हाल ही में हुए स्टेडियम हादसे पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट द्वारा जांच रिपोर्ट स्वीकार कर ली गई है और दोषियों पर केस दर्ज किया जा चुका है। इसमें आरसीबी, केएससीए, इवेंट कंपनी और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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