बिलासपुर: रिहायशी इलाके में थोक जूता दुकान से सुरक्षा पर सवाल, 10 साल से चल रहे कारोबार की जांच की मांग !

बिलासपुर: रिहायशी इलाके में थोक जूता दुकान से सुरक्षा पर सवाल, 10 साल से चल रहे कारोबार की जांच की मांग!
संकरी गली, आसपास मकान और हॉस्टल, ज्वलनशील सामान के भंडारण से हादसे की आशंका — रहवासियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील।
बिलासपुर, छत्तीसगढ़। शहर के इमलीपारा स्थित रिहायशी इलाके में संचालित एक थोक जूता दुकान को लेकर स्थानीय रहवासियों की सुरक्षा का मुद्दा उठने लगा है। आरोप है कि संकरी गली में पिछले करीब 10 वर्षों से चल रही इस दुकान में बड़ी मात्रा में जूते-चप्पल और पैकेजिंग सामग्री रखी जाती है। ऐसे में आगजनी की आशंका को लेकर आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ रही है।
संकरी गली में कारोबार, आपातकाल में कैसे पहुंचेगी मदद?
स्थानीय लोगों की चिंता इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि दुकान के आसपास आवासीय मकान और हॉस्टल मौजूद हैं। जूते-चप्पल तथा उनकी पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में आग लगने की स्थिति में आग तेजी से फैलने का खतरा हो सकता है। वहीं, गली की कम चौड़ाई के कारण किसी आपात स्थिति में दमकल वाहन और राहत दल को मौके तक पहुंचने में परेशानी होने की आशंका भी जताई जा रही है।
ऐसे में सवाल उठता है कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो आसपास रहने वाले परिवारों और हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
प्रशासन से तत्काल निरीक्षण की मांग
मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और अग्निशमन विभाग से मांग की गई है कि संबंधित स्थल का जल्द निरीक्षण कराया जाए। दुकान के व्यावसायिक उपयोग, अग्निशमन उपकरणों, ज्वलनशील सामग्री के भंडारण और लागू सुरक्षा नियमों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी नियम का उल्लंघन सामने आता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
रहवासियों की सुरक्षा को देखते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाना जरूरी है, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले ही खतरे को कम किया जा सके। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कब तक निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करते हैं।
प्राइम इंडिया न्यूज़ की अपील: जनसुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को शिकायतों की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। किसी दुर्घटना के बाद कदम उठाने के बजाय समय रहते सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना अधिक महत्वपूर्ण है।
छत्तीसगढ़, बिलासपुर से प्राइम इंडिया न्यूज़ संवाददाता — हरिकिशन गंगवानी।
