October 20, 2026

अस्पतालों में मौत के बाद सीएमओ कार्यालय का फल फूल रहा है वसूली का धंधा जिससे मौत के पहले अस्पताल के कारनामे को नहीं लेते संज्ञान ।

अस्पतालों में मौत के बाद सीएमओ कार्यालय का फल फूल रहा है वसूली का धंधा जिससे मौत के पहले अस्पताल के कारनामे को नहीं लेते संज्ञान ।

अस्पतालों में मौत के बाद सीएमओ कार्यालय का फल फूल रहा है वसूली का धंधा जिससे मौत के पहले अस्पताल के कारनामे को नहीं लेते संज्ञान ।

 

*मासूम की मौत के बाद स्टार केयर अस्पताल जांच करने पहुंची टीम बन्द मिला ताला—अस्पताल सीज*

 

*बिना पंजीकरण इलाज और योग्य चिकित्सक की अनुपलब्धता समेत कई गंभीर खामियां मिलने का दावा, सीएमओ ने तीन दिन में अभिलेख मांगे; नहीं तो एफ आई आर की चेतावनी*

 

*तिल्हापुर मोड़, कौशांबी*। अस्पतालों में मौत होने के बाद उसकी जांच करना नोटिस देना सीज करना उसके बाद अस्पताल संचालकों के बयान और हलफनामा पर अस्पताल को बेदाग बनाकर अस्पताल खोल देना या स्थान परिवर्तन करके फिर से अस्पताल संचालित करवाने के पीछे सीएमओ कार्यालय का बड़ा धंधा फल फूल रहा है जिसकी आड़ में करोड़ों रुपए की सीएमओ कार्यालय मे वसूली हो रही है जिससे अवैध अस्पताल नहीं बंद हो रहे हैं और आए दिन मौत हो रही है मौत के बाद केवल सीएमओ कार्यालय का जांच का नाटक सीमित रह गया है पिपरी थाना क्षेत्र के चायल के स्टार केयर हॉस्पिटल में इलाज मे कुरई ऊपरहार निवासी मासूम सूरज उम्र 15 माह पुत्र मुकेश की मौत के बाद फिर सीएमओ कार्यालय का वही नाटक शुरू हो गया जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ.ललित, डॉ. अशोक मौर्या और सीएचसी प्रभारी चायल डॉ.संजय कुमार की टीम अस्पताल पहुंची अस्पताल मे ताला लटका मिला। इसके बाद टीम ने अस्पताल को सीज करने की कार्रवाई की। सूत्र बताते हैं कि अस्पताल पहुंचने के पहले सीएमओ कार्यालय के लोगों ने अस्पताल संचालक को टीम के पहुंचने की जानकारी दे दी है जिससे कुछ देर के लिए अस्पताल में ताला लगाकर नाटक कर दिया गया है मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में अस्पताल के पंजीकरण चिकित्सकीय योग्यता और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर कमियों का उल्लेख किया गया है।नोटिस के अनुसार अस्पताल में एलोपैथिक पद्धति से चिकित्सा एवं इंडोर सेवाएं संचालित की जा रही थीं।स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को तीन दिन के भीतर चिकित्सा व्यवसाय से संबंधित शैक्षिक योग्यता,मेडिकल रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से संबंधित पंजीकरण प्रमाणपत्र मूल रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की धमकी दी गई है। मौत के बाद अस्पताल को गलत साबित करने वाले सीएमओ कार्यालय की टीम समय रहते गलत अस्पतालों को क्यों नहीं बंद कर रही है आखिर सीएमओ कार्यालय का यह नाटक कब तक चलता रहेगा निर्दोषों की मौत कब तक होती रहेगी जनता इसका जवाब चाहती है

 

सूरजभान केशरवानी, पत्रकार प्राइम इंडिया न्यूज।

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