बुलंदशहर में फॉरेंसिक विज्ञान की कार्यशाला की हाईकोर्ट ने की सराहना ।

बुलंदशहर में फॉरेंसिक विज्ञान की कार्यशाला की हाईकोर्ट ने की सराहना ।
पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को फॉरेंसिक विज्ञान में दक्ष बनाने के लिए बुलंदशहर में आयोजित कौशल उन्नयन कार्यशाला की हाईकोर्ट ने सराहना की है। न्यायालय ने बुलंदशहर के जिला जज और पुलिस अधीक्षक के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण हैं।
हाईकोर्ट के समक्ष बताया गया कि बुलंदशहर के जिला जज और पुलिस अधीक्षक ने उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला के निदेशक के समन्वय से 17 सितंबर 2026 को पुलिस अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों के लिए फॉरेंसिक विज्ञान पर कौशल उन्नयन कार्यक्रम आयोजित किया। इससे पहले प्रयागराज के तत्कालीन पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग के सहयोग से 27 जुलाई 2026 को पुलिस अधिकारियों के लिए इसी तरह की कार्यशाला आयोजित की थी।न्यायालय ने कहा कि चिकित्सकीय-कानूनी (मेडिको-लीगल) मामलों में फॉरेंसिक विज्ञान के बेहतर इस्तेमाल के लिए इस तरह की कार्यशालाएं राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश के विधि विभाग को नियमित रूप से आयोजित करनी चाहिए। हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव (विधि) और पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश को राज्य के विधि अधिकारियों (एजीए) और पुलिस अधिकारियों के लिए कौशल उन्नयन कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है। साथ ही प्रदेश के सभी जिला जजों को अपने-अपने जिलों में न्यायिक अधिकारियों के लिए फॉरेंसिक विज्ञान की कार्यशालाएं आयोजित करने को कहा है।
