जाटोंवाला से बादशाही बाग तक कृषि भूमि पर प्लॉटिंग के मामले में उठे सवाल!*

*जाटोंवाला से बादशाही बाग तक कृषि भूमि पर प्लॉटिंग के मामले में उठे सवाल!*
*विशेष खुलासा: जल्द ही बेहट से मां शाकंभरी रोड पर कथित अवैध प्लॉटिंग और अवैध कॉलोनियों के गोरखधंधे का होगा बड़ा खुलासा!*
*धारा 143 और धारा 80 की प्रक्रिया पर सवाल, कृषि भूमि पर काटे जा रहे प्लॉटों की वैधानिक स्थिति की जांच की मांग — क्या संबंधित विभाग खंगालेंगे भूमि के अभिलेख और अनुमतियां?*
*मिर्जापुर/जाटोंवाला/बादशाही बाग, सहारनपुर।*
सहारनपुर जनपद के जाटोंवाला से बादशाही बाग तक तथा बेहट से मां शाकंभरी रोड के आसपास कृषि भूमि पर प्लॉटिंग और कॉलोनियां विकसित किए जाने की गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में कथित अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनियों के संचालन से जुड़े मामले को लेकर जल्द ही बड़ा खुलासा किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में अब निगाहें संबंधित भूमि की वैधानिक स्थिति और प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं।
*विशेष — जल्द ही बेहट से मां शाकंभरी रोड पर की जा रही कथित अवैध प्लॉटिंग और अवैध कॉलोनियों के गोरखधंधे से जुड़े तथ्यों का बड़ा खुलासा किया जाएगा।* इस संबंध में सामने आने वाले तथ्यों, भूमि के राजस्व अभिलेखों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर संबंधित मामले की पड़ताल किए जाने की आवश्यकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कृषि भूमि पर आवासीय प्लॉट काटने और कॉलोनी विकसित करने से पहले लागू नियमों तथा जरूरी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है? क्या संबंधित भूमि का भू-उपयोग, राजस्व रिकॉर्ड और विकास संबंधी अनुमतियां नियमानुसार हैं? इन सवालों का जवाब सरकारी अभिलेखों और निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है।
*धारा 143 और धारा 80 की प्रक्रिया पर सवाल*
कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग और भूमि की वैधानिक स्थिति को लेकर धारा 143 तथा धारा 80 का उल्लेख किया जा रहा है। हालांकि, इन प्रावधानों की प्रयोज्यता संबंधित भूमि, लागू कानून और पारित आदेशों पर निर्भर करती है।
ऐसे में संबंधित कॉलोनियों के खसरा-खतौनी अभिलेख, लागू राजस्व आदेश, भू-उपयोग, विकास संबंधी अनुमतियों और कॉलोनी के लेआउट की जांच आवश्यक है। यदि जांच में जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना प्लॉटिंग किए जाने की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
*⚠️ प्लॉट खरीदने वालों की मेहनत की कमाई पर खतरा?*
कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले लोग अपनी जीवनभर की बचत निवेश करते हैं। यदि किसी भूमि की वैधानिक स्थिति स्पष्ट नहीं है या आवश्यक अनुमतियों को लेकर अनिश्चितता है, तो भविष्य में खरीदारों को निर्माण, रास्ते और अन्य कानूनी औपचारिकताओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए प्लॉट खरीदने से पहले भूमि के स्वामित्व, राजस्व रिकॉर्ड, लागू भू-उपयोग और संबंधित अनुमतियों की जांच करना जरूरी है।
*🏛️ प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग*
जिलाधिकारी सहारनपुर, संबंधित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, राजस्व विभाग और सक्षम विकास प्राधिकरण से मांग है कि *जाटोंवाला से बादशाही बाग तक तथा बेहट से मां शाकंभरी रोड के आसपास संबंधित भूमि और कॉलोनियों की वैधानिक स्थिति की जांच कराई जाए।*
यदि किसी प्रकार के नियम उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो लागू कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। वहीं, यदि संबंधित कॉलोनियां आवश्यक स्वीकृतियों के अनुरूप पाई जाती हैं, तो प्रशासन तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करे।
*❓ अब इंतजार बड़े खुलासे और प्रशासनिक कार्रवाई का*
क्या बेहट से मां शाकंभरी रोड पर कथित अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनियों से जुड़े तथ्यों का जल्द बड़ा खुलासा होगा? क्या संबंधित विभाग भूमि के दस्तावेजों और अनुमतियों की जांच करेंगे? इन सवालों के जवाब जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
क्षेत्र में कृषि भूमि पर प्लॉटिंग की गतिविधियों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब जरूरी है कि *संबंधित विभाग निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखें और किसी भी अनियमितता की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई करें।*
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*रिपोर्ट: सुबोध भोसले*
*जोनल हेड — APN NEWS CHANNEL, SRE*
*जोनल हेड (SRE) — N1 इंटरनेशनल न्यूज़ चैनल*
*मैनेजिंग डायरेक्टर — AKS CRIME NEWS AGENCY*
*एडिटर-इन-चीफ — DECENT WAY NEWS*
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