March 6, 2026

13 जनवरी को मनरेगा के तहत दूसरा कार्यक्रम भी आयोजित किया गया

13 जनवरी को मनरेगा के तहत दूसरा कार्यक्रम भी आयोजित किया गया

गाजियाबाद- कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद में मनरेगा के नाम परिवर्तन के खिलाफ चौपाल का आयोजन किया, जहां गांधी जी के नाम को बरकरार रखने की मांग उठी। केंद्र सरकार की कथित नाकामी पर तीखा प्रहार करते हुए नेताओं ने इसे बापू के आदर्शों पर हमला बताया। यह सभा श्रमिकों की आवाज को मजबूत करने और आगे आंदोलन की चेतावनी के साथ संपन्न हुई। मुख्य मांगेंनेताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के मूल नाम को बहाल करने की मांग की, इसे करोड़ों गरीबों की आशा का प्रतीक बताया। केंद्र सरकार पर योजना को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए मजदूरों के अपमान का मुद्दा उठाया गया। चौपाल से संकल्प लिया गया कि मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बचाया जाएगा। प्रमुख पदाधिकारीसतीश शर्मा – जिला अध्यक्ष, कांग्रेस (गाजियाबाद)डॉ. संजीव शर्मा – जिला कोऑर्डिनेटर, मनरेगानईमुद्दीन त्यागी – ब्लॉक अध्यक्षविनोद शर्मा – जिला उपाध्यक्षचौधरी वीरेंद्र सिंह – वरिष्ठ नेताहाजी रियासत अली – स्थानीय प्रतिनिधि/नेताविश्वदीप त्यागी – स्थानीय पदाधिकारी

आचार्य र्विकास कुमार त्यागी – सक्रिय सदस्य (बसंतपुर सैथली)नेताओं के बयानभावुक स्वर में कहा गया, “महात्मा गांधी जी के नाम से शुरू हुई यह योजना देश के करोड़ों गरीबों की आशा बनी। केंद्र सरकार का निकम्मापन साफ झलक रहा है, जो बापू के आदर्शों को मिटाने की साजिश रच रही है। यह मजदूरों का अपमान है!” आगे आंदोलन की चेतावनी दी गई। संदर्भहाल की खबरों में केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलने की योजना बनाई, जैसे ग्रामीण रोजगार योजना या जी राम जी, जिसके खिलाफ कांग्रेस ने विरोध जताया। यह चौपाल उसी विरोध का हिस्सा है।

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.