April 1, 2026

क्या आप भी गर्मियों में पानी पीने के लिए करते हैं पुराने मटके का इस्तेमाल, तो जान लीजिये इसके नुकसान

क्या आप भी गर्मियों में पानी पीने के लिए करते हैं पुराने मटके का इस्तेमाल, तो जान लीजिये इसके नुकसान

गर्मियों के मौसम में ठंडा और ताजा पानी पाने के लिए मिट्टी का मटका आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। यह न केवल पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखता है, बल्कि उसके स्वाद को भी बेहतर बनाता है। हालांकि, हर साल एक नया मटका लेना जरूरी है या पुराने मटके का दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है—यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है। विशेषज्ञों की मानें तो बिना सही सफाई और देखभाल के पुराने मटके का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

गर्मी शुरू होते ही घरों में मटके का उपयोग बढ़ जाता है, लेकिन कई लोग पिछले साल के मटके को ही दोबारा इस्तेमाल में ले आते हैं। ऐसा करना कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, क्योंकि लंबे समय तक रखे रहने से मटके में बैक्टीरिया और फफूंदी पनपने लगती है।

पेट से जुड़ी समस्याएं
पुराने और ठीक से साफ न किए गए मटके में मौजूद बैक्टीरिया पानी के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं, जिससे दस्त, पेट दर्द और अपच जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

फूड पॉइजनिंग का खतरा
गंदे मटके में पनपने वाले हानिकारक सूक्ष्मजीव पानी को दूषित कर देते हैं। ऐसे पानी के सेवन से उल्टी, बुखार और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

एलर्जी और त्वचा संबंधी दिक्कतें
मटके में जमी धूल या फफूंदी कुछ लोगों में एलर्जी का कारण बन सकती है। इससे त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते या अन्य रिएक्शन देखने को मिल सकते हैं, खासकर बच्चों में।

सांस की समस्याएं बढ़ने का खतरा
अगर मटका नम या फफूंदी युक्त है, तो उसके कण हवा में फैल सकते हैं, जिससे अस्थमा, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

लंबे समय में सेहत पर असर
लगातार गंदे मटके का इस्तेमाल करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

क्या करें?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर सीजन नया मटका इस्तेमाल करना बेहतर होता है। अगर पुराना मटका इस्तेमाल करना ही है, तो उसे अच्छी तरह साफ, धूप में सुखाकर और पूरी तरह सूखा होने के बाद ही उपयोग में लाएं।

नोट: यह जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.