दिल्ली पुलिस स्टेशन ने लॉरेंस बिश्नोई के साथ गुरु को किया गिरफ्तार ।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की दिल्ली पुलिस कीएक टीम ने कई दिनों तक अलग-अलग राज्यों में लगातार छापेमारी के बाद लॉरेंस और अनमोल बिश्नोई गिरोह के 07 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है ।
कई गैंगस्टरों और उनके सक्रिय मॉड्यूल पर लगातार निगरानी के दौरान, एक संदिग्ध रितेश के बारे में एक इनपुट मिला, जो लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट का एक सक्रिय अपराधी है । 23 अक्टूबर, 2024 को, अपराधी रितेश को टीम ने दक्षिण पूर्वी दिल्ली के एक इलाके से गिरफ्तार किया ।
रितेश के खुलासे के आधार पर, राजस्थान में आगे की छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप गंगानगर से दूसरे अपराधी सुखराम को गिरफ्तार किया गया । सुखराम ने खुलासा किया कि उसे भगोड़े अनमोल बिश्नोई और नवीन उर्फ आरजू से निर्देश मिल रहे थे । यह भी पता चला कि पकड़े गए रितेश और सुखराम को पंजाब के अबोहर में गिरोह के दो अन्य गुर्गों से मिलने के निर्देश दिए गए थे । इसके बाद 24 अक्टूबर 2024 को अबोहर निवासी साहिल और अमर नामक दो और गुर्गों को अबोहर, पंजाब से पकड़ा गया । इसके बाद उसी दिन हरियाणा के सिरसा के अबूबशहर से बादल, प्रमोद और संदीप नामक तीन और गुर्गों को पकड़ा गया । प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है, कि गिरफ्तार किए गए आरोपी अनमोल बिश्नोई और नवीन उर्फ आरजू के सीधे निर्देशों के तहत काम कर रहे थे । उनका वर्तमान कार्य राजस्थान के गंगानगर निवासी सुनील पहलवान और राजस्थान के पूर्व विधायक श्री राज कुमार गौड़ के भतीजे की हत्या को अंजाम देना था । उन्हें और भी लक्ष्य दिए गए थे, जिनकी पहचान परिचालन कारणों से गोपनीय रखी जा रही है ।
गिरफ्तार आरोपियों से अब तक कुल 06 आग्नेयास्त्र और 24 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। आगे की तलाशी जारी है । आइए देखते हैं दिल्ली से प्राईम इंडिया न्यूज के विशेष संवाददाता अजीत कुमार की ये रिपोर्ट ।*
